न्यू सीरिज न्यूज, भोपाल
Interest Free Loan MP : लगातार कृषि में हो रहे घाटे के के चलते कर्ज के नीचे दब रहे किसानों को मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बड़ी राहत दी है। जहां पर किसानों को बिना ब्याज के फसली ऋण देने की योजना बनाई है।
मध्यप्रदेश की मोहन यादव की सरकार ने फैसला लिया कि अब किसानों को सहकारी बैंकों और खाद-बीज समितियों से फसल ऋण (केसीसी) पर 12 माह तक कोई ब्याज नहीं लगेगा। जो किसान 12 माह के अंदर कर्ज चुकाएंगे, उन्हें कर्ज पर 4 फीसदी प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
सरकार ने इस अहम प्रस्ताव को मंगलवार को कैबिनेट बैठक में मंजूरी दे दी। इस फैसले से हर साल 40 लाख किसानों को लाभ होगा। ये वे किसान हैं जो खेती व फसलों की बुवाई के लिए कर्ज लेते हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए 3580.7 करोड़ समेत विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए 5,960 करोड़ से अधिक की राशि मंजूर की गई। इसमें 635 करोड़ रुपए से 525 स्कूल आधुनिक बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना पर 5 साल में 1740.57 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
सिस्टम में बदलाव के बाद मिलेगा Interest Free Loan
एमपी सरकार ने 12 माह तक नो-ब्याज का जो निर्णय लिया है, उसके तहत सिस्टम में बदलाव करने होंगे। अभी सहकारी समितियों और बैंकों के पोर्टल उस अनुरूप नहीं हैं।
कर्ज भरने की अलग-अलग तारीखें ठीक नहीं
सीएम डॉ. मोहन यादव ने पहले समीक्षा बैठकों में कहा था कि किसान खरीफ व रबी सीजन के लिए जो कर्ज लेते हैं, उसे जमा करने की तारीखें अलग-अलग हैं। यह ठीक नहीं है। कैबिनेट में भी उन्होंने यह बात कही। इस आधार पर यह तिथि वार्षिक तय कर दी। अब किसानों को स्वीकृत वार्षिक एकल लिमिट में से पहले किस्त निकालने की तिथि से अगले 12 माह तक कोई ब्याज नहीं लगेगा।
Interest Free Loan से किसानों को डिफाल्टर होने से बचाया
अभी किसानों को हर 6 माह में लिए कर्ज को चुकाना पड़ता है। न चुकाने पर ब्याज के रूप में पेनाल्टी भरनी पड़ती है। कई बार फसलें समय पर नहीं पकती या सीजन धोखा दे देता है तो 75% किसान तय समय में कर्ज जमा नहीं कर पाते और डिफॉल्टर हो जाते हैं। नई व्यवस्था से डिफॉल्टर होने से किसान बचेंगे।
सहकारी बैंकों, समितियों में Interest Free Loan को समझें
वर्तमान में रबी फसल के लिए 1 अक्टूबर से 15 मार्च के बीच कर्ज मिलता है। इस अवधि के भीतर कभी भी लिए गए कर्ज को हर हाल में 15 जून तक जमा करना होता है। अब ऐसे कर्ज को चुकाने की तारीख 15 जून न होकर लिए गए कर्ज की पहली किस्त निकालने की तारीख से 12 माह होगी। तभी शून्य-ब्याज के पात्र होंगे।
हर खरीफ सीजन की फसलों के लिए एक अप्रैल से 30 सितंबर के बीच जरूरमंदों को कर्ज दिया जाता है। इसे हर साल 15 मार्च तक जमा करना होता है। अब उक्त फसलों के लिए कर्ज लेने पर उसकी पहली किस्त निकलने की तारीख से 12 माह की अवधि में कर्ज चुकाना होगा। ऐसा नहीं करने पर ब्याज का भुगतान करना होगा।
राष्ट्रीयकृत बैंकों से केसीसी पर छूट नहीं
राष्ट्रीयकृत बैंकों से भी केसीसी ऋण मिलता है। इसकी सीमा एक साल है। 7% ब्याज लगता है, लेकिन एक साल से पहले कर्ज चुकाने वालों को 7% में से 3% ब्याज वापस मिलता है।
प्रदेश में पहली बार स्थाई मेला कार्यालय
सिंहस्थ 2028 से पहले सरकार ने प्रदेश में पहली बार स्थाई मेला कार्यालय बनाने का फैसला लिया है। यह राज्य स्तरीय होगा। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मेलों को कराएगा। 68 अफसर-कर्मचारी तैनात होंगे। हर साल 35 से 40 करोड़ का बजट होगा। पद, बजट बढ़ सकता है

