Soybean sowing : देश में इस बार खरीफ सीजन की प्रमुख तिलहन फसल सोयाबीन व मूंगफली की बिजाई में भारी गिरावट देखने को मिली है। इस का मुख्य कारण देरी से आई मानूसन के चलते इसकी बिजाई में गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में कम उत्पादन होने के कारण सोयाबीन व मूंगफली के रेट आगामी सीजन में भारी उछाल आने वाला है।
ऐसे में स्टाक करने वाले व सोयाबीन व मूंगफली की खेती करने वाले किसानों को अच्छा भाव मिलने वाला है। सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में इस बार सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र 79.20 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 47.90 लाख हेक्टेयर तथा मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 28 लाख हेक्टेयर से घटकर 16.93 लाख हेक्टेयर रह गया।
2025-26 के सम्पूर्ण खरीफ सीजन के दौरान 123.86 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन तथा 50.29 लाख हेक्टेयर में मूंगफली की बिजाई हुई थी। आपकों बता दे कि सोयाबीन व मूंगफली की बिजाई अधिकतर मध्यप्रदेश व राजस्थान में होती है। खरीफ कालीन तिलहन फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 109.27 लाख हेक्टेयर से 42.हेक्टेयर लुढ़ककर इस बार 6631 लाख हेक्टेयर रह गया है।
हालांकि सूरजमुखी का बिजाई क्षेत्र 46 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 79 ह96 लाख जार हेक्टेयर तथा नाइजर सीड का रकबा 1000 हेक्टेयर से सुधरकर 6 हजार हेक्टेयर घर पहुंचा लेकिन तिल का क्षेत्रफल 1.49 लाख हेक्टेयर से गिरकर 60 हजार हेक्टेयर रह गया। अरंडी की बिजाई भी शुरू हो चुकी है। मध्य प्रदेश सोयाबीन का तथा गुजरात मूंगफली का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है। वहां बारिश की कमी से फसलों की बिजाई प्रभावित हुई। 7600 से 7800, सोयाबीन 4000 से 6855 रुपए क्विंटल। सोयाबीन डीओसी स्पॉट 59000 रुपए टन।
दलहन फसलों के भाव
लूज तेल (प्रति दस किलो) : इंदौर मूंगफली तेल 1600 से 1620, मुंबई मूंगफली तेल 1600, इंदौर सोयाबीन रिफाइंड 1445 से 1450, इंदौर सोयाबीन साल्वेंट 1385 से 1390, मुंबई सोया रिफाइंड 1460, मुंबई पाम तेल 1465, इंदौर पाम 1525, राजकोट तेलिया 2510. गुजरात लूज 1600, कपास्या तेल इंदौर 1505 रुपए। तिलहन सरसों निमाड़ी (बारीक)
प्लांटों के सोयाबीन भाव: अवी एग्री उज्जैन 6825, धीरेन्द्र प्लांट नीमच 7000, धानुका सोया नीमच 7050, मित्तल कंडीशन देवास 7050, सांवरिया प्लांट इटारसी 7100, पतंजलिक मांगलिया 6950, खंडवा ऑइल्स खंडवा 7000, प्रकाश पीथमपुर 7060 रुपए।

