Monsoon Update हरियाणा में मौसम में होगा उलटफेयरMonsoon Update हरियाणा में मौसम में होगा उलटफेयर

न्यू सीरिज न्यूज, वेदर रिपोर्ट
Monsoon Update Haryana: पूरे हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में जुलाई की शुरूआत के साथ ही मानसून की गतिविधियां लगातार जारी हैं। मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील बना हुआ है, जिसके कारण दिन और रात के तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।

हालांकि, जब बारिश की गतिविधियां थम जाती हैं, तो हवा में अत्यधिक नमी और आर्द्रता के कारण आमजन को पसीना छुड़ाने वाली उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को भी उमसभरी गर्मी रही। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, 1 से 3 जुलाई के दौरान मानसून ने धीरे-धीरे पूरे हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर को अपने आगोश में ले लिया है।

मानसून अपडेट (Monsoon Update) से आज से बदलेगा मिजाज

मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार आने वाले दिनों में एक साथ तीन बड़ी मौसम प्रणालियां सक्रिय होने जा रही हैं, जो मानसून को अत्यधिक सशक्त बनाएंगी। इसमें बंगाल की खाड़ी का सिस्टम अपडेट हो रहा है। इससे ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर सक्रिय स्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र आगे बढ़ेगा।

अरब सागर में नया सिस्टम बन रहा है। इसके कारण 5 जुलाई को अरब सागर में भी एक नया लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र) बनने की संभावना है। नया पश्चिमी विक्षोभ इन दोनों प्रणालियों के साथ ही, 5 जुलाई की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो जाएगा।

Monsoon update points shift weather conditions Haryana
Monsoon update points shift weather conditions Haryana

 Monsoon Update से उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी

इस अवधि के दौरान मानसून अपने पूरे केंद्र पर होगा। हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के अधिकांश हिस्सों में अच्छी और भारी बारिश की गतिविधियों की प्रबल संभावना बन रही है, जिससे पिछले कई दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

वर्तमान में संपूर्ण इलाके में लगातार नमी और आर्द्रता वाली शांत हवाएं चलने के कारण, बारिश न होने की स्थिति में पसीना छुड़ाने वाली उमस बनी हुई है। हालांकि दिन और रात के तापमान में हल्की बढ़त देखी जा रही है, लेकिन फिर भी ये सामान्य से नीचे ही बने हुए हैं। आगामी भारी बारिश के दौर के बाद तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी।

मानसूनी हवाओं को मिलेगी मजबूती

वर्तमान मौसम प्रणालियों के अनुसार उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों पर बना ‘निम्न दबाव का क्षेत्र’ अब एक स्पष्ट रूप से चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र के रूप में तब्दील हो चुका है। तीनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से संपूर्ण मैदानी राज्यों में मानसूनी हवाओं को भारी मजबूती मिलेगी। हवाओं के रुख में बदलाव होगा और पुरवा व पछुआ हवाओं के आपस में मिलने के कारण मौसम में बड़ा उलटफेर देखने को मिलेगा।

 

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By Joginder Duhan

जोगेंद्र दूहन पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। पिछले आठ साल मैंने देश के प्रमुख समाचार पत्र दैनिक जागरण में बतौर सीनियर रिपोर्टर के पद पर अपनी सेवाएं अखबार व डिजिटल मीडिया पर दी। इससे पहले मैंने अमर उजाला, दैनिक हरिभूमि, दैनिक आज समाज जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दे चुका हूं। अपनी पत्रकारिता जीवन में विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर रिपोर्टिंग एवं लेखन का व्यापक अनुभव अर्जित किया है।