न्यू सीरिज न्यूज, चंडीगढ़। हरियाणा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में पारदर्शिता और गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने राशन वितरण (Ration card) प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। जुलाई 2026 से राशन डिपो पर ई-तौल (इलेक्ट्रॉनिक वेट) मशीन और ई-वेइंग मशीन के जरिए राशन वितरण किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत मशीन से तौल होने के बाद पर्ची (रसीद) स्वतः तैयार होगी, जिससे मैनुअल वजन दर्ज करने की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। नई प्रणाली के अनुसार लाभार्थी के राशन कार्ड का सत्यापन ई-पॉस मशीन पर होगा। इसके बाद खाद्यान्न को ई-तौल मशीन पर तौला जाएगा। मशीन में दर्ज वजन के आधार पर पर्ची स्वतः जनरेट होगी और उसी के अनुसार लाभार्थी को राशन दिया जाएगा।
इससे तौल में किसी प्रकार की गड़बड़ी या हेराफेरी की संभावना कम होगी। अधिकारियों के अनुसार ई-तौल मशीनें सीधे ई-पॉस मशीन से जुड़ी रहेंगी। पहले डिपो संचालकों को राशन का वजन अलग से दर्ज करना पड़ता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित होगी। इससे लाभार्थियों को सही मात्रा में राशन मिलने के साथ वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
जुलाई में दो माह का गेहूं मिलेगा
रेवाड़ी जिले में लगभग 1.28 लाख राशन कार्डधारकों को जुलाई माह में दो महीने (जुलाई और अगस्त) का गेहूं एक साथ वितरित किया जाएगा। जिले में करीब 1.87 लाख यूनिट लाभार्थी इस व्यवस्था का लाभ उठाएंगे।

सरकारी योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को गेहूं के साथ रियायती दर पर सरसों का तेल भी उपलब्ध कराया जाएगा। 35 किलो गेहूं लेने वाले परिवारों को 2 लीटर सरसों का तेल मिलेगा। एक लीटर तेल की कीमत 100 रुपये तय की गई है, यानी 2 लीटर तेल के लिए 200 रुपये का भुगतान करना होगा।
मैनुअल एंट्री पूरी तरह बंद
नई व्यवस्था लागू होने के बाद राशन वितरण के दौरान मैनुअल वजन दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होगी। ई-तौल मशीन स्वयं वजन रिकॉर्ड करेगी और उसी आधार पर वितरण की रसीद जारी होगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे राशन वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी और पात्र लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराना आसान होगा।
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