हरियाणा से गोगामेड़ी जाने वाले यात्रियों को रेलवे विभाग की तरफ से बड़ी राहत दी है। रेलवे विभाग की तरफ से रेवाड़ी से गोगामेड़ी के लिए दो स्पेशल ट्रेन चलाई है। रेलवे प्रशासन द्वारा गोगामेड़ी मेला में होने वाले अतिरिक्त यात्री भार को देखते हुए रेवाड़ी से गोगामेड़ी तक 2 मेला स्पेशल ट्रेन का संचालन 31 अगस्त से किया जाएगा।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जन सम्पर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार गाड़ी 04791, रेवाड़ी गोगामेड़ी मेला स्पेशल 31 अगस्त से 9 सितंबर 10 ट्रिप तक एवं 18 से 21 सितंबर तक 4 ट्रिप रेवाड़ी से सुबह 6.15 बजे रवाना होकर सुबह 10.15 बजे गोगामेड़ी पहुंचेगी।
इसी प्रकार गाड़ी 04792, गोगामेडी रेवाड़ी मेला स्पेशल 31 अगस्त से 9 सितंबर तक 10 ट्रिप एवं 18 से 21 सितंबर तक 4 ट्रिप तक गोगामेड़ी से सुबह 10.45 बजे रवाना होकर शाम 16.50 बजे रेवाड़ी पहुंचेगी। यह मार्ग में महेन्द्रगढ़, लोहारू व सादुलपुर स्टेशनों पर ठहराव करेगी। इसमें 15 साधारण श्रेणी एवं 2 गार्ड डिब्बों सहित कुल 17 डिब्बे होंगे।
गाड़ी 04795, रेवाड़ी- गोगामेड़ी मेला स्पेशल 30 अगस्त से 9 सितंबर तक 11 ट्रिप एवं 18 से 20 सितंबर तक 3 ट्रिप रेवाड़ी से शाम 6.10 बजे रवाना होकर रात 11.10 बजे गोगामेड़ी पहुंचेगी। गाड़ी 04796, गोगामेड़ी रेवाड़ी मेला स्पेशल 30 अगस्त से 9 सितंबर तक 11 ट्रिप एवं 18 से 20 सितंबर तक 3 ट्रिप गोगामेड़ी से रात 11.40 बजे रवाना होकर सुबह 5.15 बजे रेवाड़ी पहुंचेगी। यह मार्ग में महेन्द्रगढ़, लोहारू व सादुलपुर स्टेशनों पर ठहराव करेगी।
भगवान गोगाजी के नाम का भी खरीदते हैं टिकट
रेलवे अधिकारियों के अनुसार गोगामेड़ी मेले के दौरान रेवाड़ी जंक्शन से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आवागमन करते हैं। वहीं दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार सहित अन्य राज्यों से आने वाले हजारों श्रद्धालु पहले रेवाड़ी पहुंचते हैं और यहां से गोगामेड़ी के लिए ट्रेन से सफर करते हैं। मेले के दौरान रेवाड़ी स्टेशन पर पीले वस्त्र धारण किए श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती है।
कई श्रद्धालु पैदल यात्रा भी करते हैं। मान्यता है कि कई श्रद्धालु अपने लिए टिकट खरीदने के साथ भगवान गोगाजी के नाम से भी एक अतिरिक्त टिकट खरीदते हैं। इसे वे आस्था और श्रद्धा का प्रतीक मानते हैं। ऐसे में टिकट ज्यादा खरीद होने से यात्रियों की संख्या भी ज्यादा दिखाई देती है, लेकिन इसमें सफर करने वाले यात्रियों की संख्या टिकट से कम होती है। हालांकि मेले के दौरान गोगामेड़ी की तरफ से जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बहुत ज्यादा होती है।

