न्यू सीरिज न्यूज, नारनौल (Haryana News) : हरियाणा में बन रहे लॉजिस्टिक हब को अब नई रफ्तार मिलने वाली है, क्योंकि यह सीधे ही दिल्ली, अजमेर, मुंबई पोर्ट से कनेक्ट होगा। जी हां, महेंद्रगढ़ जिले में विकसित हो रहे नांगल चौधरी इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब (IMLH) के लिए बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है।
हाल ही में न्यू डावलास स्टेशन से नांगल चौधरी मल्टी लॉजिस्टिक हब तक पहली बार इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव (विद्युत इंजन) का सफल ट्रायल रन किया गया। इस सफल परीक्षण के बाद परियोजना को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।
ट्रायल सफल रहने के बाद अब जल्द ही इस रूट पर व्यावसायिक स्तर पर मालगाड़ियों का संचालन शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। इसके शुरू होने के बाद नांगल चौधरी लॉजिस्टिक हब को दिल्ली, अजमेर और मुंबई पोर्ट से सीधे रेल नेटवर्क के माध्यम से जोड़ दिया जाएगा, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
Haryana News : 886.78 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा प्रोजेक्ट
नांगल चौधरी में विकसित किया जा रहा यह इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब देश के बड़े लॉजिस्टिक प्रोजेक्ट्स में शामिल है और इस प्रोजक्ट पर 886.78 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। इसमें से 765.27 करोड़ रुपये केवल भारी-भरकम बजट से निर्माण कार्यों पर खर्च किए जा रहे हैं। प्रोजक्ट के लिए अधिकांश भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। हालांकि कुछ भूमि से जुड़े मामले अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं, जिनका समाधान होने के बाद शेष कार्य भी पूरा किया जाएगा।

यह लॉजिस्टिक हब डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) से जुड़ने के बाद उत्तर भारत के औद्योगिक क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण माल परिवहन केंद्र बन जाएगा। यहां से देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों और बंदरगाहों तक कंटेनरों की तेज एवं कम लागत में आवाजाही संभव होगी।
Haryana News : प्रतिदिन हजारों कंटेनरों की होगी हैंडलिंग
डीएफसीसीआईएल (Dedicated Freight Corridor Corporation of India Limited) के अनुसार, परियोजना पूरी तरह शुरू होने के बाद यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में कंटेनरों की लोडिंग और अनलोडिंग होगी। अनुमान है कि शुरुआत में प्रतिदिन लगभग 4,000 से 5,000 कंटेनरों का संचालन किया जा सकेगा। भविष्य में इसकी क्षमता और बढ़ाई जाएगी।
ट्रायल रन के दौरान इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के जरिए पूरे रेल ट्रैक का परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह परीक्षण पूरी तरह सफल रहा। इससे यह सुनिश्चित हुआ कि अब इस रूट पर विद्युत इंजन से मालगाड़ियों का संचालन सुरक्षित और सुचारु रूप से किया जा सकेगा।
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इससे डीजल इंजनों पर निर्भरता कम होगी, परिवहन लागत में कमी आएगी तथा पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इलेक्ट्रिक रेल नेटवर्क के माध्यम से माल ढुलाई अधिक तेज और ऊर्जा दक्ष होगी।
ट्रायल रन के दौरान डीएफसीसीआईएल के जयपुर यूनिट के अधिकारियों सहित संबंधित विभागों के इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहे। अधिकारियों ने नांगल चौधरी रेलवे स्टेशन पहुंचकर पूरे परीक्षण का निरीक्षण किया और इसे सफल बताया।
Haryana news : उद्योगों को मिलेगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों के अनुसार, लॉजिस्टिक हब पूरी तरह चालू होने के बाद महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम सहित आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलेगा। उद्योगों को कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों को देश के विभिन्न हिस्सों तथा मुंबई पोर्ट तक भेजना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और किफायती होगा।
