न्यू सीरिज न्यूज, जींद
Jind Cyber Crime Police : हरियाणा की जींद साइबर क्राइम पुलिस की टीम ने क्रेडिट कार्ड की लिमिट व कार्ड रिवॉर्ड बढ़ाने का झांसा देकर 1 लाख 80 हजार रुपये की ठगी करने के मामले में दो युवकों का पकड़ा है।
पकड़े गए दोनों आरोपी एमपी के रहने वाले है। यह आरोपी बैंक कर्मी बनकर लोगों से ठगी करते थे। जींद साइबर क्राइम पुलिस ने आरोपियों से ठगी किए गए एक लाख 80 हजार रुपये की नकदी को बरामद कर लिया। पुलिस आरोपियों से दूसरी आनलाइन वारदात का पता लगा रही है।
Jind Cyber Crime Police ने इन आरोपियों को पकड़ा
जींद साइबर क्राइम थाना प्रभारी उप निरीक्षक जगदीप सिंह ने बताया कि पटियाला चौक जींद निवासी नवीन ने 10 मार्च 2026 जींद साइबर क्राइम पुलिस को शिकायत दी थी कि उसके पास ICICI बैंक का क्रेडिट कार्ड है। इसी दौरान उसके पास स्वयं को ICICI बैंक का कर्मचारी बताने वाले व्यक्ति का फोन आया।

उसने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने व रिवॉर्ड प्वाइंट को नकद में बदलने का लालच दिया। वह आरोपियों को बैंक कर्मी समझ लिया। इसके बाद आरोपियों ने उसके पास वाटसएप के माध्यम से से एक लिंक भेजा। उनके द्वारा भेजे गए लिंक पर उसने अपनी बैंक एवं कार्ड संबंधी जानकारी भरने के बाद अगले दिन उसके क्रेडिट कार्ड से 1,80,000 रुपये की अवैध ट्रांजैक्शन हो गई।
जिसे उसे साइबर ठगी का अहसास हुआ। जब उसने कार्ड की डिटेल मांगी तो उससे आनलाइन खरीदारी की गई थी। उसने संबंधित बैंक को शिकायत दी। इसके बाद जींद साइबर क्राइम पुलिस के पास मामला दर्ज करवाया था। इसके बाद से जींद साइबर क्राइम पुलिस की टीम साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच में मध्यप्रदेश के जबलपुर निवासी रितेश का नाम सामने आया। पुलिस ने आरोपी रितेश को गिरफ्तार कर लिया और उससे 6000 रुपये की नकदी बरामद कर ली।

पूछताछ में उसने बताया कि आनलाइन ठगी में मध्यप्रदेश निवासी राजीव रोहरा द्वारा की गई है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी राजीव रोहरा को गिरफ्तार कर लिया और उससे 1,74,000 रुपये नकद बरामद किए गए। इस प्रकार पुलिस ने ठगी की गई पूरी 1,80,000 रुपये की राशि बरामद कर मामले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। दोनों आरोपियों के खिलाफ आगामी कार्रवाई नियम अनुसार अमल में लाई जा रही है ।
Jind Cyber Crime Police की अपील
Jind Cyber Crime Police आमजन से अपील करती है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या संदेश पर भरोसा कर अपने बैंक खाते, क्रेडिट कार्ड, ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
बैंक कभी भी फोन या व्हाट्सएप के माध्यम से ऐसी जानकारी नहीं मांगते। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धनराशि सुरक्षित करवाई जा सके।

