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Lavender Plant : बारिश का मौसम शुरू हो गया है और ऐसे में आसपास मच्छर पनपने शुरू हो गए होंगे। इससे छुटकारा पाने के लिए प्राकृतिक रूप से इस पौधे का प्रयोग कर मच्छरों से निजात पाई जा सकती है। मच्छर जहां खतरनाक डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारी का कारण बनते हैं, वहीं नींद भी हराम कर देते हैं।
ऐसे में लोग मच्छरों से राहत पाने के लिए अपने बैडरूम में विभिन्न प्रकार के कीटनाशकों का स्प्रे, क्वाइल या लिक्विड का प्रयोग करते हैं। इनसे मच्छर तो भाग जाते हैं, लेकिन धीमा जहर, सांस के माध्यम से शरीर में जाता रहता है। इस जहर का प्रभाव स्वास्थ्य पर तो पड़ता है, साथ यह सुबह के समय सुस्ती रहती है।
ऐसे में दिन की शुरूआत ही सही प्रकार से नहीं हो पाती। ऐसे में एक आयुर्वेदिक पौधे को घर में लगाकर प्राकृतिक रूप से मच्छरों को भगाया जा सकता है। इस पौधे का नाम है लैवेंडर। आयुर्वेद में इसको (Lavender Plant) उस्तखूद्दूस (Ustukhuddus) के नाम से जाना जाता है। आइए इस लेख में आपको इस औषधीय पौधे के विभिन्न गुणों के बारे में बताते हैं।
Lavender Plant : सजावटी पौधे के रूप में भी प्रयोग
हालांकि लैवेंडर यानी उस्तखूद्दूस अपने खास औषधीय गुणों से भरा होता है, लेकिन इसका प्रयोग आजकल लोग घरों में सजावटी पौधे के रूप में भी करते हैं। यह देखने में बहुत ही खूबसूरत होता है और इसकी खुशबू बहुत ही मनमोहक और सहज होती है।
तनाव कम करने में होता है प्रयोग
चूंकि लैवेंडर (उस्तखूद्दूस) बहुत ही मनमोहक और मधुर सुगंध छोड़ता है, ऐसे में मच्छर के सीजन के बाद भी यह पौधा आपके घर को महकाने में कोई कमी नहीं छोड़ेगा। इसके अलावा औषधीय गुणों की बात की जाए तो इसका प्रयोग मानसिक शांति के लिए किया जाता है। इसको चिकित्सीय भाषा में अरोमाथेरेपी के नाम से जाना जाता है। (Lavender Plant) क्योंकि अपने विशेष औषधीय गुणों के साथ-साथ लैवेंडर की मनमोहक खुशबू दिमाग को शांत करती है और तनाव में राहत देने के लिए सबसे उपयुक्त रहती है।
प्रभावशाली प्राकृतिक एंटीसेप्टिक
जानेमाने आयुर्वेदाचार्य डा. ओमप्रकाश के अनुसार लैवेंडर एक बहुत ही प्रभावशाली प्राकृतिक एंटीसेप्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। क्योंकि इसमें ऐसे गुण हैं, जो घाव को ठीक करने के अलावा चोट के कारण हुई सूजन को भी बहुत ही चमत्कारी रूप से कम करते हैं। इसके अलावा यदि चोट के कारण जलन हो रही है या किसी कीट द्वारा काट लिया जाता है तो लैवेंडर का तेल इस पर रामबाण की तरह काम करता है। (Lavender Plant)
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मच्छर व अन्य कीटों को भगाने का प्राकृतिक तरीका
लवैंडर के बारे में जैसा की हम पहले बता चुके हैं कि यह पौधा प्राकृतिक रूप से कीटों और मच्छरों को भगाने की शक्ति रखता है। हालांकि इसकी खुशबू बहुत ही अच्छी होती है, लेकिन कीट पतंगों को यह बिलकुल भी नहीं सुहाती। जहां यह पौधा लगा होता है, कीट इससे दूर ही रहते हैं। मच्छर के अलावा मक्खियों से भी यह पौधा राहत देता है।
आपके घर में बने गार्डन में दूसरे पौधों को जहां कीट हानि पहुंचाते हैं, यह पौधा लगाने के बाद ऐसे हानिकाकर कीट भी नहीं आएंगे। यानी यह पौधा आपके लिए प्राकृतिक रूप से कीट नियंत्रक का काम करेने वाला है। इसके अलावा गार्डन के लिए यह प्राकृतिक रूप से परागण करने वाले कीटों को आकर्षित करने वाला है। क्योंकि इसके फूल पर मधुमक्खियां और तितलियां बहुत ही अधिक आकर्षित होती हैं। यह अन्य फल-सब्जियों के साथ फूलों में भी परागण का काम करती हैं।
झाड़ीनुमा होता है पौधा
गुणों से भरपूर यह पौध झाड़ीनुमा होता है। (Lavender Plant) वनस्पति विज्ञान के अनुसार यह पौधा भूमध्यसागरीय क्षेत्र का है। गर्मी के मौसम में इसमें बहुत ही सुंदर और सुगंधित फूल आते हैं। इसके फूल बैंगनी रंग के होते हैं। हालांकि इसको अलग से लैवेंडर रंग की भी संज्ञा दी जाती है। इसके अलावा इसमें सफेद, नीले और गुलाबी फूल भी आते हैं। इसके पत्ते हल्के चौड़े और अन्य झाड़ियों की अपेक्षा हल्के लंबे होते हैं। यह पौधा औसत 50-75 सेंटीमीटर लंबा होता है।

