Heavy rain alert Haryana 6th July : हरियाणा में मानसून सक्रिय होने से तापमान में नमी बनी हुई है। मौसम उमस भरा होने के कारण लोगों का जीना दुभर कर दिया है। मौसम विभाग की तरफ से सोमवार को हरियाणा के दो जिलों में भारी बारिश व 20 में सामान्य बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को पंचकूला व यमुनानगर में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई है। जबकि जींद, अंबाला, कैथल, गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र, करनाल, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, नूंह, पलवल, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत में सामान्य बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा में अगले 5 से 6 दिन तक मानसून सक्रिय होगा और इस दौरान तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगर इस मौसम में बारिश होती है तो लोगों को जहां पर उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं किसानों के लिए यह फैसल फायदेमंद रहने वाली है।
हरियाणा के अधिकतर जिलों में फिलहाल अधिकतर स्थानों पर न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिससे रातें भी गर्म महसूस हो रही हैं। बंगाल की खाड़ी के डिप्रेशन और पश्चिमी विक्षोभ के टकराने से हरियाणा में अच्छी बारिश की उम्मीद है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को इस उमस भरी भीषण गर्मी से स्थायी राहत मिल सकेगी।
मौसम विभाग ने Heavy rain alert Haryana
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उड़ीसा तट के पास बना सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र अब और अधिक तीव्र होकर डिप्रेशन में बदल चुका है। अगले 24 घंटों के भीतर इस सिस्टम के उत्तरी उड़ीसा और उत्तरी छत्तीसगढ़ से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है।
इसके साथ ही, 6 जुलाई से उत्तर के पर्वतीय क्षेत्रों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने जा रहा है। इन दोनों शक्तिशाली मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से मैदानी राज्यों, विशेषकर हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में मानसून पूरी तरह से सशक्त हो जाएगा। इस कारण 6 से 10 जुलाई के दौरान क्षेत्र में मानसून की गतिविधियों में भारी तेजी आएगी और अधिकांश भागों में हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश देखने को मिल सकती है।
वर्तमान परिदृश्य में किसी विशेष बड़ी मौसम प्रणाली का असर न होने के कारण पिछले दिनों मानसून की गतिविधियां काफी कमजोर बनी हुई थीं। यही वजह है कि पूरे क्षेत्र में केवल बिखराव वाली मौसमी गतिविधियां ही दर्ज की गई। इस बिखराव वाली बारिश और हवा में लगातार बनी नमी के कारण पूरे इलाके में उमस भरी पसीना छुड़ाने वाली गर्मी का प्रकोप बना हुआ है, जिससे आमजन बेहाल हैं।

