न्यू सीरिज न्यूज, जींद
Rain Water Benefits : फिलहाल बारिश का मौसम चल रह है और आसमान से बरसने वाला पानी विभिन्न प्रयोगों में लाया जाता है, लेकिन अधिकतर लोग यह नहीं जानते की यह पानी स्वास्थ्य के लिए अमृत से कम नहीं है। आयुर्वेद में बारिश के पानी को अंतरिक्ष जल का नाम दिया गया है।
जिस प्रकार बारिश का पानी फसलों और पौधों के लिए बेहद उपयुक्त माना जाता है, ठीक उसी प्रकार मानव शरीर के लिए भी यह गुणों से भरपूर है। क्योंकि यह बहुत ही हल्का होता है। ऐसे में यह पाचन के लिए बेहद अच्छा होता है। आइए इस लेख में आपको बारिश के पानी की विशेषताएं बताते हैं।
Rain Water Benefits : शुद्धता सबसे जरूरी
हालांकि बारिश का पानी स्वास्थ्य के लिए अमृत के समान होता है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि यह पानी शुद्ध होना चाहिए। क्योंकि आजकल प्रदूषण के चलते बारिश के पानी विभिन्न विषैले तत्व मिल जाते हैं। ऐसे में अशुद्ध पानी स्वास्थ्य में लाभ देने की बजाय हानि पहुंचा सकता है। इसलिए किसी भी सूरत में बारिश के पानी का प्रयोग करने से पहले इसकी शुद्धता जरूरत सुनिश्चित कर लें।
बारिश के पानी के औषधीय उपयोग
दरअसल बारिश के पानी को आयुर्वेद में अंतरिक्ष जल की संज्ञा दी जाती है। (Rain Water Benefits) आयुर्वेद के अनुसार बारिश के पानी का सीधा प्रयोग होने के साथ-साथ औषधीय प्रयोग भी होता है। प्राचीन ग्रंथों चरक और सुश्रुत संहिता में भी इसका उल्लेख मिलता है। जींद निवासी आयुर्वेदाचार्य डा. ओमप्रकाश के अनुसार यह पानी शरीर में विभिन्न विकारों को ठीक करने में मददगार होता है।
वात और कफ दोष को करता है संतुलित
बारिश का पानी यानी अंतरिक्ष जल शरीर में कफ और वात दोषों को संतुलित करने में सहायक होता है। आयुर्वेद के अनुसार वात से अभिप्राय वायु और आकाश तत्वों से होता है, जबकि कफ को जल और पृथ्वी तत्व माना जाता है। ऐसे में इनके असंतुलित होने पर शरीर में कई प्रकार के विकार आते हैं। (Rain Water Benefits)
दवाओं में होता है प्रयोग
सीधे प्रयोग के अलावा अंतरिक्ष जल का प्रयोग दवाओं में भी किया जाता है। डा. ओमप्रकाश के अनुसार नस्य के लिए बनने वाले अणु तैल में मुख्य रूप से इसका प्रयोग किया जाता है। हालांकि अलग- अलग तरल औषधियों यानी आसव-अरिष्ट के लिए वर्षा जल बहुत ही महत्वपूर्ण तत्व रहता है। यदि पंचकर्म की बात की जाए तो वर्षा जल से स्नान थेरेपी भी होती है। क्योंकि इससे शरीर की थकान मिटाना आसान है।

प्रकृति से मिलता है संदेश
डा. ओमप्रकाश के अनुसार बारिश के पानी का प्रयोग प्रकृति ही हमें देती है। जब बारिश होती है तो चारों और वनस्पति हरी भरी और चमकदार हो जाती है। ठीक इसी प्रकार बारिश का पानी व्यक्ति के शरीर में भी तेज और चमक बढ़ाने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसको स्टोर करके रखा जा सकता है। क्योंकि यह त्वचा को प्राकृतिक रूप से चमक देता है।
स्टोर करने में बरतें सावधानी
इसके लिए सबसे पहले हमें यह देखना होता है कि हमारे आसपास प्रदूषण की स्थिति क्या है। बारिश शुरू होते ही पानी को एकत्रित नहीं करें। इसमें विषैले तत्व होने की आशंका अधिक है। कुछ देर की बारिश के जब आसमान साफ हो जाए तो सीधे बारिश के पानी को बर्तन में स्टोर किया जा सकता है।
इसको सीधा प्रयोग नहीं करें। पहले अच्छी प्रकार से उबाल लें। साथ ही प्रयास रहे कि बारिश के पानी को प्लास्टिक के बर्तन की बजाय मिट्टी, लोहे या तांबे के बर्तन में एकत्रित करें।
जैसा स्वाद वैसा लाभ
प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य डा. रेखा राधामनी द्वारा भी बारिश के पानी का प्रयोग बहुत ही लाभदायक बताया गया है। क्योंकि इस पानी के सेवन से मनुष्य के शरीर में कई लाभ होते हैं। हालांकि इसके लिए जरूरी है कि पानी शुद्धता के साथ एकत्रित किया जाए। ऐसे पानी को बर्तन में एकत्रित कर रात भर जरूर रखें। इससे अशुद्धियां बैठ जाएंगी। इसके बाद सुबह इसको उबाल कर ठंडा करें। यह बहुत ही स्वादिष्ट होता है और इसी प्रकार यह शरीर में भी अनेक लाभ देता है।
यह भी पढ़ें : हरियाणा के 50 हजार युवाओं को नौकरी देगी जापान की कंपनियां, सरकार से हुआ समझौता
पानी की गुणवत्ता की हो सकती है जांच
जो पानी आपने बर्तन में एकत्रित किया है, उसकी जांच भी घर पर ही की जा सकती है। इसके लिए आसान सा तरीका है। क्योंकि कई क्षेत्र बहुत ही प्रदूषित होते हैं। ऐसे में एकत्रित किए गए वर्षा जल को चांदी के बर्तन डालकर इसमें कुछ चावल के दाने डाल दें। इसको अच्छी प्रकार से पकाएं। इसमें ध्यान दें कि चावल का रंग बदलता तो नहीं है। यदि ऐसा है तो यह पानी आपके लिए सुरक्षित है। इसको उबाल कर ठंडा करके पीऐं। यदि चावल का रंग बदल गया है तो इस पानी का प्रयोग नहीं करें।

