न्यू सीरिज न्यूज (Dr Ramesh Panchal Biography) : जींद के सिविल अस्पताल में डिप्टी सिविल सर्जन के रूप में कार्यरत डा. रमेश पांचाल 32 साल की सेवा के बाद मंगलवार को सेवानिवृत्त हो गए। कोरोना काल में जींद में पहला सैंपल डा. रमेश पांचाल ने लिया था। उन्होंने पूरे प्रदेश में पांच लाख ओपीडी करके भी रिकार्ड बनाया है। कोरोना काल में 35 हजार सैंपल का भी उनका रिकार्ड है। प्रदेश के पहले दंतक विभाग के डिप्टी सिविल सर्जन डा. रमेश पांचाल ही बने थे।
जींद के डेढ़ किलोमीटर के दायरे में स्थित गांव घिमाना में डा. रमेश पांचाल का 1968 में जन्म हुआ था। इनके पिताजी एक साधारण से मिस्त्री थे। उन्होंने अपनी मेहनत से रमेश पांचाल को पढ़ाया। 1994 में रमेश पांचाल ने नागरिक अस्पताल जींद में एक दंतक सर्जन के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। अपनी सेवा के 30 साल उन्होंने जींद के ही नागरिक अस्पताल में बिताए। बीच में वह एमडीएस (मास्टर आफ डेंटल सर्जरी) करने के लिए गए थे।
Dr Ramesh Panchal ने कोरोना काल में लिया पहला सैंपल
2020 में जब कोरोना महामारी की शुरुआत हुई तो डा. रमेश पांचाल ने ही पहला सैंपल लिया था। हालांकि यह काम डेंटल सर्जन का नहीं था, उसके बाद भी वह आगे आए सैंपल लेने शुरू किए। डा. रमेश पांचाल ने कोरोना काल के दौरा 35 हजार लोगों के सैंपल लिए। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने उनको इसके लिए सम्मानित भी किया था।

Dr Ramesh Panchal ने की पांच लाख मरीजों की ओपीडी
डा. रमेश पांचाल के नाम प्रदेश में सबसे अधिक ओपीडी का रिकार्ड भी है। उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान पांच लाख मरीज देखे। डिप्टी सिविल सर्जन बनने के बाद भी वह ओपीडी करते थे। मंगलवार व वीरवार को दो दिन तक मरीज उनका ओपीडी के लिए इंतजार करते थे।
डा. रमेश पांचाल जब कैंसर के डिप्टी सिविल सर्जन थे, उन्होंने चंडीगढ़ में हुई स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक में कैंसर मरीजों को पेंशन देने की योजना शुरू करने की मांग उठाई थी। हालांकि इसके बाद कई जगह से यह मांग उठी। दो साल बाद सरकार ने बजट में कैंसर मरीजों के लिए पेंशन की घोषणा की।
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Dr Ramesh Panchal ने 100 के आसपास बच्चों के करवाए दिल के आपरेशन
डा. रमेश पांचाल मेंटल हेल्थ के जब डिप्टी सिविल सर्जन थे, तो सरकार की योजना के अनुसार छोटे बच्चों के दिल के आपरेशन करवाए। जिन बच्चों के बचपन से दिल में छेद था, उनको यह सुविधा मिलती थी। कई बच्चों के अभिभावकों के साथ डा. रमेश पांचाल खुद मोहाली के फोर्टिज अस्पताल गए और वहां आपरेशन करवाकर लाए। जो बच्चे आंगनबाड़ी जाते हैं, उनके लिए इस प्रकार की योजना सरकार ने लागू की है।
अनेक लोगों को किया तंबाकू से दूर
डा. रमेश पांचाल ने तंबाकू कंट्रोल के डिप्टी सिविल सर्जन रहते हुए अनेक लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित किया। खुद उनके चालक रहे संगतपुरा निवासी ईश्वर ने कहा कि वह बहुत ज्यादा बीड़ी पीते थे, डा. रमेश पांचाल के संपर्क में आने के बाद उन्होंने तंबाकू छोड़ दिया। इसके अलावा डा. रमेश पांचाल ने एक हजार से अधिक लोगों के सार्वजनिक स्थल पर धूम्रपान करते हुए चालान भी काटे हैं।

