Monsoon Hair Care : क्या बारिश के मौसम में झड़ते हैं आपके भी बाल तो कर लें यह उपायHair Care : क्या बारिश के मौसम में झड़ते हैं आपके भी बाल तो कर लें यह उपाय

 न्यू सीरिज न्यूज, हिसार :

Monsoon Hair Care: बारिश के मौसम में हवा और मौसम में होने वाले बदलावों का शरीर पर काफी असर पड़ता है। क्योंकि हवा में नमी बढ़ जाती है, ऐसे में त्वचा पर संक्रमण का खतरा काफी अधिक रहा है। गर्मी के कारण सिर में अधिक पसीना आता है और परिणाम स्वरूप बाल झड़ने लगते हैं।

इस मौसम में बालों की खास देखभाल की जरूरत होती है। आयुर्वेद के अनुसार मानसून यानी वर्षा ऋतु में वात व पित काफी असंतुलित होते हैं। इसका सीधा असर सिर के बाल झड़ने पर दिखता है। ऐसे में कुछ घरेलू उपाय और अपनी जीवनशैली में बदलाव लाकर झड़ते हुए बालों से छुटकारा पाया जा सकता है। आईए इस लेख में आपको प्राकृतिक रूप से बालों के रखरखाव की जानकारी देते हैं।

Monsoon Hair Care: कैसे हैं आपके बाल

जींद निवासी आयुर्वेदाचार्य डा. ओमप्रकाश के अनुसार बालों के रखरखाव में सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि बाल कैसे हैं। यानी बाल कितने बड़े और घने हैं। आमतौर पर पुरुषों के बाल छोटे होते हैं और महिलाओं के सिर पर अधिक बड़े और घने बाल होते हैं। इसके अनुसार ही रखरखाव में भी अंतर आ जाता है। (Monsoon Hair Care) क्योंकि बड़े बालों में पसीना अधिक आता है और यह सूखता भी कम है।

यह पडता है मौसम का असर

डा. ओमप्रकाश के अनुसार चूंकि बारिश के मौसम में वात और पित्त दोष असंतुलित हो जाते हैं, ऐसे में इसका प्रभाव शरीर के अन्य तंत्र के साथ-साथ बालों पर भी पड़ता है। परिणाम स्वरूप बाल झड़ने के साथ डैंड्रफ की समस्या भी होने लगती है। यह मौसम के अनुसार होता है। इसके लिए बालों के रखरखाव में कुछ बदलाव जरूरी हैं।

बालों को प्रभावित करने वाले कारक

आयुर्वेदाचार्य डा. ओमप्रकाश बताते हैं कि मौसम के अनुसार आहार भी बेहद महत्वपूर्ण है। आयुर्वेद में बारिश के मौसम में तेल के सेवन का बड़ा महत्व बताया गया है। तेल हमारे बालों के लिए बहुत ही अच्छा होता है। हालांकि अलग-अलग क्षेत्रों में लोग अपने मौसम और जलवायु के साथ उपलब्धता के अनुसार तेल का प्रयोग करते हैं, लेकिन सरसों को तेल खाने में बेहतर है।

इस मौसम में पासन बहुत कमजोर हो जाता है। इसलिए खाना ऐसा खाएं जो आसानी से बच सके। इसके अलावा बालों की सफाई के लिए हर्बल या स्वयं निर्मित शैंपू का भी प्रयोग किया जाना चाहिए। नमी का प्रभाव कम करने के लिए बालों में तेल लगाना बहुत ही महत्वपूर्ण है।

ऐसे में लगाएं बालों में तेल

वर्षा ऋतु में बालों को मौसम की नमी से नुकसान नहीं हो, इसके लिए तेल एक आयुर्वेदिक उपाय है। इसके लिए ब्रह्मी, नीम या भृंगराज तेल का प्रयोग किया जाना चाहिए। तेल हल्का गुनगुना कर बालों की जड़ों में हल्के हाथों से मालिश काफी हद तक बालों को पोषण देती है। साथ ही इससे वात दोष भी संतुलति होता है।

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सफाई का रखें ध्यान

यूं तो हर मौसम में ही शरीर और बालों की सफाई का ध्यान रखना जरूरी है, लेकिन बारिश के मौसम में यह महत्व और भी बढ़ जाता है। बालों की सफाई के लिए कभी भी मार्केट में मिलने वाले कैमिकलयुक्त शैंपू का प्रयोग नहीं करें। इसकी जगह पर प्राकृतिक शैंपू का निर्माण स्वयं करें। इसमें शिकाकाई, आंवला, रीठा, के साथ एलोवेरा को मिलाकर अच्छा अैर प्रभावशाली शैंपू तैयार किया जा सकता है।

इसके अलावा आंवला और मेथी के कुछ दानों को मिलाकर रात भर कांच या मिट्टी के बर्तन में भिगो दें। सुबह इसका क्रीमी पेस्ट तैयार कर ऐलोवीर मिला कर बालों पर लगाने से चमत्कारी परिणाम आएंगे। यदि बालों में रूसी की समस्या है तो इसके लिए नीम की पत्तियों और दही का गाड़ा पेस्ट जरूर लगाएं।

सूखे रखें बाल

कई बार महिलाएं जल्दीबाजी में अपने बालों को गीला ही बांध लेती हैं। या पुरुष गीले बालों में ही तेल लगा लेते हैं। इससे बाल कमजोर होते हैं। इसके अलावा बालों की जड़ाें में संक्रमण होने का भी खतरा रहता है। इससे बचाव के लिए सुनिश्चित करें कि बाल प्राकृतिक रूप सूखे हों।

By Dharmbir Sharma

मैं धर्मबीर दैनिक जागरण में बतौर चीफ रिपोर्टर के तौर पर तीन साल तक सेवाएं दी। इससे पहले लगातार दस साल तक देश का प्रमुख समाचार पत्र अमर उजाला में चीफ रिपोर्टर के पद पर कार्यरत रहा। इससे पहले दैनिक भास्कर, दैनिक पंजाब केसरी, दैनिक आज समाज भी कई संस्थानों के साथ काम कर चुका हूं। 19 साल से पत्रकारिता कर रहा हूं। फिलहाल मेरा डिजिटल प्लेटफार्म हरियाणा डेयरी के नाम से फेसबुक, यूट्यूब चल रहा है।