न्यू सीरिज न्यूज
Kadamba tree benefits : बारिश का मौसम शुरू हो चुका है और ऐसे में त्वचा संबंधित रोग सामान्य हो जाते हैं। इसका मुख्य कारण इस मौसम के दौरान हवा में रहने वाली नमी होता है। ऐसे में आयुर्वेद के अनुसार कदम (कदंब) के पेड़ के औषधीय गुण बहुत काम के होते हैं। इसको देव वृक्ष की संज्ञा दी जाती है।
हवा में नमी बढ़ने के कारण खुजली सामान्य बात होती है। इसके अलावा शरीर पर फोड़े-फुंसी भी निकलते रहते हैं। इससे बचाव व रोकथाम के लिए कदम का पेड़ बहुत ही लाभकारी होता है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि कदम के पेड़ में मौजूद औषधीय गुणों का लाभ कैसे लें। क्योंकि कदम (Kadamba tree benefits) के पेड़े के पत्ते और छाल त्वचा संबंधित संक्रमण को रोकने में रामबाण होते हैं।
Kadamba tree benefits
कदम के पेड़े के पत्तों का प्रयोग गंभीर से गंभीर जीवाणु यानी बैक्टीरियल संक्रमण (Kadamba tree benefits) में किया जाता है। ऐसे में विशेषकर बारिश के मौसम में यह पत्ते आपके शरीर को किसी भी प्रकार के संक्रमण को बचाने के लिए बहुत ही लाभदायक औषधी साबित हो सकते हैं।
हालांकि बाजार में कई प्रकार के लोशन मौजूद रहते हैं, लेकिन कदम के पेड़ के पत्ते प्राकृतिक रूप से तैयार लोशन का काम करते हैं। यदि मौसम के कारण शरीर खाज-खुजली है या फिर एक्जिमा जैसी गंभीर समस्या भी है तो कदम के पत्तों को पीस कर संक्रमण की जगह प्रयोग करें। इससे बहुत ही जल्द और अच्छे परिणाम आएंगे।
हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायक
कदम के पेड़ की छाल हीमोग्लोबिन बढ़ाने में बहुत ही सहायक तत्व है। इसको काढे के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। जींद निवासी जानेमान आयुर्वेदाचार्य डा. ओमप्रकाश के अनुसार चिकित्सीय भाषा में कहा जाए तो यह पेड़ एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल, तथा एंटी-डायबिटिक गुणों की खान है।
कदम के पेड़ की छाल का काढ़ा त्वचा संबंधित बीमारियों के अलावा घाव के उपचार और बुखार के लिए भी किया जाता है। कदम के पेड़ पर लगने वाले फल विटामिन-सी के साथ-साथ आयरन का बहुत बड़ा भंडार हैं। इसके कारण ही यह फल हीमोग्लोबिन बढ़ाने में बहुत सहायक होते हैं।
अन्य बीमारियों में भी होता है प्रयोग
दरअसल आयुर्वेद में कदम (Kadamba tree benefits) के पेड़ के विभिन्न औषधीय गुणों का जिक्र होता है। कदम के पेड़ का वैज्ञानिक नाम नियोलामार्किया कैडंबा है। इस पेड़ के पत्तों, छाल व फल का प्रयोग घावों का ठीक करने, नेत्रशोथ, मुंह के छालों, दस्त, मूत्र मार्ग से संबंधित बीमारियों में सामान्यतौर पर होता है।
डा. ओमप्रकाश के अनुसार किसी भी औषधी का प्रयोग निपुण और योग्य आयुर्वेदाचार्य के मार्ग दर्शन में ही होना चाहिए। क्योंकि आयु, वजन ऋतु और परिस्थितियों के अनुसार ही मात्रा निर्धारित होती है।
पाचन में सहायक हैं कदम के फूल
कदम के पेड़ पर बारिश के मौसम में आकर्षक फूल आते हैं, इनका प्रयोग पाचन को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। फूल का अर्क पाचन से जुड़ी समस्या का नाश करने के लिए काफी प्रभावशाली होता है। इसके अलावा दस्त, पेट में ऐंठन और उल्टी की स्थिति में भी इसका प्रयोग किया जा सकता है। यह फूल पेट संबंधित विकारों के लिए बहुत ही उपयोगी होते हैं।
यह भी पढ़ें : चानौत गांव पेयजल विवाद में खापों का बड़ा फैसला, पूरे हरियाणा में आंदोलन करने की चेतावनी
नम जलवायु का पेड़
कदम या कदंब का पेड़ नम जलवायु का है। इस लिए भारत में मुख्य रूप से यह पेड़ उत्तर प्रदेश के वृंदावन क्षेत्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत के जंगलों में ही मिलता है। हालांकि आजकल इस पेड़ के बोनसाई रूप उपलब्ध है और लोग इसको अपने घरों में भी उगा रहे हैं। हालांकि यह पेड़ नम जलवायु और नदियों के किनारे प्राकृतिक रूप से उग जाता है।

