Chanot Protest : चानौत गांव पेयजल विवाद में खापों का बड़ा फैसलाचानौत गांव पेयजल विवाद में खापों का बड़ा फैसला

न्यू सीरिज न्यूज, चानौत हांसी 

Chanot Protest : पिछले करीब डेढ महीने से हरियाणा के हांसी जिला के चानौत (चैनत) गांव पेयजल विवाद को लेकर चर्चा में है। अब इस मामले में हरियाणा में बेहद प्रभावशाली मानी जाने वाली खाप पंचायतों ने भी एंट्री मार दी है। इतना ही नहीं खाप पंचायतों के प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों की मांग का समर्थन करते हुए इस आंदोलन को पूरे हरियाणा में फैलाने का फैसला किया है।

दरअसल चानौत गांव के पेयजल विवाद को लेकर खाप पंचायतों की महत्वपूर्ण बैठक हांसी जिला मुख्यालय स्थित रेस्ट हाउस में हुई। यहीं पर खाप पंचायतों ने आगे की रणनीति बनाते हुए आंदोलन का फैसला लिया। इस दौरान हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों में अपना खास प्रभाव रखने वाली खापों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। ऐसे में खापों की तरफ से हरियाणा सरकार पर दबाव बनाने का यह बड़ा और निर्णायक फैसला लिया गया।

Chanot Protest में 20 से अधिक खापों के चौधरी हुए  शामिल

चानौत गांव में लोग हांसी शहर के लिए बिछाई जा रही पेयजल पाइल लाइन से कनेक्शन की मांग को लेकर पिछले डेढ़ महीने से आंदोलन कर रहे हैं। इस दौरान बुजुर्गों ने अनशन भी किया, लेकिन इस लाइन गांव को पानी की आपूर्ति देने के लिए कथिततौर पर टी लगाए जाने के बाद अनशन समाप्त कर दिया गया था। अब यहां विवाद बढ़ने पर खाप पंचायतों ने मध्यस्थता करते हुए इस आंदोलन में अपनी भूमिका दर्ज की है। इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से 20 से अधिक खाप पंचायतों के प्रतिनिधी शामिल हुए।

खापों ने दी चेतावनी, जल्द निकले समाधान

चानौत गांव को पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए खाप पंचायतों के प्रतिनिधियों ने बैठक कर फैसला लिया कि इस आंदोलन को हरियाणा के अन्य हिस्सों में भी विस्तार दिया जाएगा। 43 वें दिन हुई खापों की एंट्री से शनिवार यानी 27 मई को फिर से आंदोलन ने नया रूप ले लिया है।

खाप पंचायतों के प्रतिनिधियों ने मांग की कि सरकार जल्द से जल्द समाधान निकाले। यदि ऐसा नहीं होता है तो पूरे हरियाणा में आंदोलन किया जाएगा। इसमें अन्य खापों को भी जोड़ा जाएगा। खाप चौधरियों ने कहा कि ग्रामीणों की मांग पूरी तरह से जायज है। मुख्य पाइप लाइन से 6 इंच की टी से कनेक्शन देकर गांव को पेयजल दिया जा सकता है।

टी लगने और हटने पर गहरा रहा है विवाद

दरअसल इस मामले में कुछ दिन पहले मुख्य लाइन में टी लगा दी गई थी, लेकिन इसके बाद प्रशासन की ओर से कहा गया कि टी अवैध रूप से लगाई गई है। इस पर आंदोलन कर रहे ग्रामीणों के खिलाफ केस भी दर्ज हुआ और प्रशासन द्वारा टी हटा दी गई। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प भी हुई।

ग्रामीण और हांसी विधायक आमने सामने

इस मामले में ग्रामीण सीधे तौर पर हांसी के भाजपा विधायक विनोद भ्याणा पर गांव का पेयजल रोकने का आरोप लगा रहे हैं। इतना ही नहीं टी लगाने के बाद हटवाने का आरोप भी हांसी विधायक पर ही लग रहा है। हालांकि विधायक विनोद भ्याणा पहले ही साफ कर चुके हैं कि उनको टी लगाने की कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद जो परिस्थिति बनी, उसमें प्रशासन ने कानूनी रूप से कार्रवाई की है।

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मुख्य मंत्री से भी हो चुकी है बातचीत

यह विवाद इतना गहरा चुका है कि स्वयं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी ग्रामीणों से बातचीत कर चुके हैं। इस दौरान हालांकि चानैत गांव के लिए मुख्य पाइल लाइन में टी लगाने की व्यवस्था से मुख्यमंत्री ने मना कर दिया और इससे बातचीत सिरे नहीं चढ़ सकी। हालांकि सरकार द्वारा आश्वासन दिया जा रहा है कि गांव के लिए अलग से पेयजल लाइन की व्यवस्था कर दी जाएगी।

अमरूत योजना के तहत हो रहा है काम

हांसी शहर को केंद्र सरकार की अमरूत योजना के तहत नहरी पेयजल उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके तहत भाखड़ा नहर से हांसी शहर तक पानी पहुंचान की योजना चल रही है। इसके लिए बिछाई जा रही पाइप लाइन चानौत गांव निकल रही है। ऐसे में ग्रामीणों की मांग है कि इसी लाइन से उनके गांव को भी 6 इंची पाइप से कनेक्शन दिया जाए।

हरियाणा का सबसे नया जिला है हांसी

हांसी हरियाणा का सबसे नया जिला है। 22 दिसंबर को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हांसी को 23वां जिला बनाने की घोषणा की थी। हालांकि इससे उम्मीद थी कि क्षेत्र को विकास की नई गति मिलेगी, लेकिन यह जिला शुरूआत में ही ऐसे विवाद में उलझ गया है।

क्या है टी विवाद

दरअसल यह एक इंजीनियरिंग में सामान्य तौर पर प्रयोग किया जाने वाला शब्द है। इससे सीधी जा रही एक पाइप लाइन में टी जोड़ी जाती है। यह पाइप अंग्रेजी के T अक्षर के आकार में होती है। इससे मुख्य लाइन से एक ओर पानी जाने का रास्ता बनाया जाता है। यहां टी ही लग भी गई थी, लेकिन इसको फिर से हटा दिया गया।

यह है हरियाणा सरकार का तर्क

इस विवाद में हरियाणा सरकार इस मुख्य लाइन से चानौत गांव को कनेक्शन देने से साफ मना कर चुकी है। इसको लेकर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा द्वारा कहा गया था कि हांसी के लिए पेयजल पाइप लाइन अमरूत योजना के तहत आ रही है। इसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार द्वारा खर्च होती है। इस योजना के तहत सिर्फ शहरी क्षेत्रों को ही लाभ दिया जाता है। हालांकि सरकार कर रही है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बने जल जीवन मिशन के तहत अलग से पाइप लाइन बिछा कर गांव को पानी दिया जा सकता है।

By Dharmbir Sharma

मैं धर्मबीर दैनिक जागरण में बतौर चीफ रिपोर्टर के तौर पर तीन साल तक सेवाएं दी। इससे पहले लगातार दस साल तक देश का प्रमुख समाचार पत्र अमर उजाला में चीफ रिपोर्टर के पद पर कार्यरत रहा। इससे पहले दैनिक भास्कर, दैनिक पंजाब केसरी, दैनिक आज समाज भी कई संस्थानों के साथ काम कर चुका हूं। 19 साल से पत्रकारिता कर रहा हूं। फिलहाल मेरा डिजिटल प्लेटफार्म हरियाणा डेयरी के नाम से फेसबुक, यूट्यूब चल रहा है।