न्यू सीरिज न्यूज, जींद
jind cyber crime News : जींद के एक व्यक्ति को स्टॉक मार्केट में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर आनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को पकड़ा है। पकड़ा गया आरोपी हरियाणा के चरखी दादरी जिले का रहने वाला है और वह वाट्सएप ग्रुप बनाकर लोगों को अपने झांसे में लेता था और अलग-अलग बैंक खातों में राशि डलवा लेता था।
जींद साइबर क्राइम पुलिस (jind cyber crime Police) इस मामले में एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि उससे पूछताछ में चरखी दादरी जिले के गांव उण निवासी आशीष का नाम सामने आया था। पुलिस ने आशीष को गिरफ्तार करके उनके गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों का पता लगा रही है।
jind cyber crime पुलिस आरोपियों तक ऐसे पहुंची
जींद साइबर क्राइम थाना प्रभारी उप निरीक्षक जगदीप सिंह ने बताया कि गांव दनौदा खुर्द निवासी सुमित कुमार ने 24 अप्रैल 2026 को शिकायत दी थी कि वह इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन को देखा। जिसके माध्यम से उसे “804 SMC Resource Sharing Group” नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। बाद में उसे “120 SMC 1V1 Exclusive Service Group” नामक दूसरे व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल किया गया।
जहां आऱोपी ने स्वयं को सेबी रजिस्टर्ड विशेषज्ञ बताया और स्टॉक मार्केट में निवेश कर कम समय में भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। जहां उसने अलग-अलग तिथियों में अलग-अलग बैंक खातों में कुल 16 लाख 40 हजार आरोपी के पास भेज दिए । कुछ समय बाद जब उसने पैसे निकवाने कि कोशिश कि तो उन्होंने ओर पैसों कि मांग कि जिसे उसको अहसास हुआ कि उसके साथ साईबर ठगी हो गई है।
जिसकी शिकायत के आधार पर थाना साईबर क्राईम (jind cyber crime) जींद में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। तकनीकी जांच व साक्ष्यों के आधार पर जींद साइबर क्राइम पुलिस द्वारा भिवानी जिले के गांव खरक कलां निवासी हिमांशु को गिरफ्तार किया था।
जहां पर पूछताछ में सामने आया कि ठगी की घटना में चरखी दादरी जिले के गांव उण निवासी आशीष भ्ज्ञी शामिल है। वीरवार को जींद साइबर क्राइम पुलिस ने तकनीकी जांच व साक्ष्यों के आधार पर आरोपी आशीष वासी उण( चरखी दादरी) को नियमानुसार गिरफ्तार करके आरोपी से 10 हज़ार रुपए बरामद किए गए। आरोपी के ख़िलाफ़ आगामी कार्यवाही नियमानुसार अमल में लाई जा रही है ।

jind cyber crime Police की अपील
जींद पुलिस आमजन से अपील करती है कि सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप, फर्जी ट्रेडिंग एप या ऑनलाइन निवेश योजनाओं के झांसे में आकर किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर न करें। किसी भी निवेश से पहले संबंधित कंपनी अथवा व्यक्ति की वैधता की पूर्ण जांच अवश्य करें। यदि किसी प्रकार की साईबर धोखाधड़ी होती है तो तुरंत राष्ट्रीय साईबर हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा साईबर क्राईम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं।

