न्यू सीरिज न्यूज (Ghevar sampling) : हरियाणा में घेवर का सीजन शुरू होते ही खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने भी अपनी कमर कस ली है। विभाग की टीम ने वीरवार को अलग-अलग स्थानों से आठ सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए। इसके साथ-साथ देसी घी के नाम से घेवर बनाने वाले लोगों को सख्त हिदायत दी हैं कि वह जिस भी चीज से घेवर, जलेबी या अन्य खाद्य पदार्थ बनाएं, उसके मिश्रण का बोर्ड लगाना जरूरी है।
इसमें यह लिखा जाए कि यह खाद्य पदार्थ किन-किन मिश्रण से मिलकर बनाया गया है। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो उन दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिला खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी डा. योगेश कादियान ने वीरवार दोपहर बाद गोहाना रोड, सफीदों रोड, रोहतक रोड पर सड़क किनारे दुकान बनाकर घेवर बेचने वालों के यहां से घेवर, जलेबी, समोसा, मावा समेत आठ सैंपल लिए। इन सैंपल को जांच के लिए भेज दिया। रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
Ghevar sampling : सड़क किनारे देसी घी का घेवर बेचने वालों की भरमार
सावन महीने को देखते हुए शहर की मुख्य सड़कों पर 50 से ज्यादा जगह देसी घी का घेवर बेचा जा रहा है। इनमें काफी जगह तो गोशालाओं का नाम लिया जा रहा है। इसमें कहा जा रहा है कि उनकी गोशाला से गाय का देसी घी लाकर यहां घेवर बनाया जा रहा है। यह देसी घी के घेवर का जमावड़ा पिछले साल से चल रहा है।

इस बार भी काफी जगह देसी घी का घेवर सज चुका है। इसके साथ-साथ देसी घी से समोसे व जलेबी बनाने का नाम भी लिया जा रहा है। अब यह तो सैंपल जांच के बाद ही पता चलेगा कि यह घेवर, समोसे व जलेबी देसी घी से बनाए जा रहे हैं या फिर मिलावटी घी से।
Ghevar sampling : पिछले साल पिंडारा की गोशाला में पकड़ा गया था मिलावटी घी
पिछले साल पिंडारा गांव में स्थित श्रीकृष्ण गोशाला में काफी मात्रा में मिलावटी घी पकड़ा गया था। खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम ने इस घी को नष्ट करवाया था। श्रीकृष्ण गोशाला कमेटी ने कहा था कि यह घी उनका नहीं है। उन्होंने गोशाला के कुछ स्थान को किराए पर दे रखा है। इसमें किराए पर लेने वाला क्या करता है, उनको इसके बारे में पता नहीं। खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने इस मामले में घी को जब्त कर लिया था।
Ghevar sampling : दुकान के बाहर बोर्ड लगाना जरूरी
जिला खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने देसी घी का नाम लेकर खाद्य पदार्थ बेचने वाले सभी दुकानदारों को सख्त हिदायत दी है। विभाग की तरफ से कहा गया कि इस प्रकार के दुकानदार अपनी दुकान के बाहर यह बोर्ड लाएंगे कि यह घेवर देसी घी से बनाया है, वनस्पति से या फिर डालडा से। जिस भी खाद्य पदार्थ को बनाते समय जो-जो सामग्री इसमें डाली जाए, उसका पूरा विवरण दुकान के बाहर बोर्ड पर लगा होना चाहिए, नहीं तो दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह खबर भी पढ़ें : वजन घटाने की दवाएं आनंद देने वाली चीजों से कर रही मोहभंग
सावन महीने में शहर में काफी संख्या में अस्थायी दुकानें खुल जाती हैं। यह लोग देसी घी से घेवर, जलेबी, समोसे व अन्य खाद्य पदार्थ बनाकर बेचते हैं। पिछली बार कुछ शिकायतें आई थी। इसलिए इस बार पहले ही विभाग की तरफ से सख्त कार्रवाई की जा रही है। घेवर, समोसा, जलेबी समेत आठ सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
जिला खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी डॉ. योगेश कादियान ने कहा कि समय-समय पर इन दुकानों का निरीक्षण करके सैंपल लिए जाएंगे ताकि लोगों को गुणवत्तापरक खाद्य पदार्थ मिल सकें। जो जिस सामग्री से सामान बनाया गया है, उसके मिश्रण का बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।

