Gunja plant औषधीय पौधा के सिर पर लेप करने से गंजापन हो जाता है छूमंतरGunja plant औषधीय पौधा के सिर पर लेप करने से गंजापन हो जाता है छूमंतर

न्यू सीरिज न्यूज, हेल्थ डेस्क

Gunja plant Ayurveda : देश में सिर से बाल उड़ने की समस्या आम हो गई है। तमाम प्रयास करने के बावजूद गंजापन दूर नहीं होता है, लेकिन आज हम आपको विशेषज्ञों की राय से ऐसा उपाए बता रहे है, जहां एक औषधी पौधा आपके गंजापन को मिटा देगा।

इस पौधे में जहां सिर पर बाल उगाने की क्षमता है, वहीं शारीरिक रूप से मजबूत करने का भी औषधीय गुण है। आयुर्वैदिक में एमडी डा. राजेश गर्ग ने बताया कि औषधीय पौधा गुंजा ताकत से भरपूर है। जो मनुष्य के कई तरह की बीमारियों का इलाज करने में समक्ष है।

औषधीय पौधा गुंजा को आम भाषा में रत्ती के नाम से जाना जाता है और यह पौधा व इसका फल भारत के अधिकतर राज्यों में आम तौर पर मिल जाता है, लेकिन ज्ञान के अभाव में लोग इसका प्रयोग नहीं कर पाते हैं।

डा. राजेश गर्ग के अनुसार इस पौधा का हर चीज प्रयोग में योग्य होती है। मुख्य रूप से गुंजा पौधा के अंग- मूल, पत्र तथा बीज को प्रयोग में लाया जाता है।

गुंजा पौधे (Gunja plant) की पहचान

आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डा. राजेश गर्ग के अनुसार गुंजा यानी रत्ती का पौधा पूरे साल उपलब्ध होता है और इसक पौधा कई साल तक जीवत रहता है। गुंजा पौधा की पहचान संयुक्त पक्षाकार पत्ते, पुष्प श्वेत या गुलाबी रंग के, बीज चमकीले सिंदूर जैसे चमकदार होते है और कई जगह पर श्वेत रंग के काले दाग के साथ होते है। इस पौधे पर फल भरपूर मात्रा में लगता है। जबकि इस पौधे के स्वाद की बात की जाए तो वह काफी कड़वा होता है।

गुंजा पौधे (Gunja plant) के रासानिक संगठन ऐसे होते है

डा. राजेश गर्ग के अनुसार गुंजा यानी रत्ती (Gunja plant) के बीज में ल्युपियोल ऐसीटेट, सिटोस्टीरोल, सुक्रोज गैलीक अम्ल, ओरीऐन्टीन, आइसोओरीऐन्टीन, ऐबरूसिक अम्ल, हीमाग्लुटिनिन होता है।

जबकि इस पौधे के मूल में स्टीग्मास्टीरोल, ग्लायसीन, ग्लुटामीक अम्ल, ऐस्पारटिक अम्ल, टायरोसीन, क्वेरसेटिन, ल्युटियोलिन, किम्फेरॉल, टे क्साल्बमिन, ऐल्के लॉयड ऐबीन, ग्लुकोसाईड-ऐब्रालिन, मोनोग्लुकोसीडीक ऐन्योसायनीन ऐबरानीन भरपूर मात्रा में होता है।

जबकि इस पौधे के पत्तों में प्रिकॉल, एबरॉल, ऐब्रासिन, प्रिकेसीन मिलता है। इस पौधे के गुण अतिरेचक, वामक, बल्य, बाजीकर, उद्देष्टहर होता है।

Gunja plant औषधीय पौधा
Gunja plant औषधीय पौधा

गुंजा (Gunja plant) का प्रयोग करने का तरीका

आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डा. राजेश गर्ग ने कहा कि यह औषधीय पौधा है, लेकिन इस प्रयोग केवल विशेषज्ञों की सलाह पर ही करना है, लेकिन इस पौधे के लाभों के बारे में आपको अवगत कराते हैं।

1. डा. राजेश गर्ग के अनुसार अगर किसी व्यक्ति का आवाज का बैठ जाना, आवाज का टूट जाना हो या अचानक ही आवाज बदल जाती है तो इसके चूर्ण को पत्र मिश्री के साथ चूसने से स्वरभंग में लाभकारी।2. अगर मर्दाना ताकत में कमजोर महसूस होती है तो इसका प्रयोग लाभकारी है। वीर्य विकार में दो माशे मूल को दूध में पकाकर भोजन के पूर्व रात में देने से लाभ होता है।

3. श्वेत कुष्ठ में पत्र स्वरस चित्रक मूल में मिलाकर प्रयोग किया जाता है।

4. गुंजा पौधा का सबसे बड़ा औषधी गुण गंजापन को दूर करना है। गंजापन दूर करने के लिए गुंजा यानी रत्ती का चूर्ण जल में मिलाकर इसका लेप ‘सिर पर बार-बार करने से बाल आ जाते हैं। कुछ ही दिनों में इसका असर दिखाई देने लगता है।

5. कुष्ठ रोगों में भृंगराज के रस में गुंजा का चूर्ण मिलाकर तेल सिद्ध यानी काढ़ा करना चाहिये। इसके बाद तेल के लेन को कुष्ठ वाली जगह पर लगाने से लाभ मिलता है।

6. गुंजा में दांतों से संबंधित बीमारियों को भी ठीक करने में प्रयोग किया जा सकता है। गुंजा के ताजे टहनी का प्रयोग दातून की तरह करने से दंत का दर्द व कृमि नष्ट हो जाते हैं।

7. मर्दाना ताकत के लिए यह सबसे कारगर है। गुंजा फलों को दूध में पकाकर लेना चाहिए, फिर उसका चूर्ण बनाकर नियमित प्रातः सायं दूध के साथ सेवन करने से मनुष्य सशक्त होकर अच्छी तरह संभोग कर सकता है।

8. गुंजा मूल का प्रवाही क्वाथ पुरानी खाँसी में अत्यंत लाभकारी है। संधिवात की वेदना में-उस स्थान पर सरसों के उष्ण तेल में गुंजापत्र डुबोकर बांधने से बहुत ही लाभ होता है।

डा. राजेश गर्ग ने बताया कि बिना शोधन के बीज का प्रयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह वामक एवं विरेचक होता है। शोधन-इसके बीज गाय के दूध में एक प्रहर उबालकर छिलके निकाल कर गरम पानी से धोकर प्रयोग करना चाहिये।

 

डिस्कलेमर : न्यू सीरिज न्यूज द्वारा इस गुंजा पौधे (Gunja plant) के औषधीय गुणों की जानकारी देने के लिए आर्ट‍िकल तैयार किया गया है। ऐसे में यह सिर्फ सामान्य जानकारी और सलाह है। न्यू सीरिज न्यूज किसी भी प्रकार से चिकित्सा राय नहीं देता है। हमेशा किसी विशेषज्ञ से जरूर परामर्श करें। newseriesnews.com पौधे के सामान्य गुणों की जानकारी उपलब्ध करवा रहा है।

 

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By Joginder Duhan

जोगेंद्र दूहन पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। पिछले आठ साल मैंने देश के प्रमुख समाचार पत्र दैनिक जागरण में बतौर सीनियर रिपोर्टर के पद पर अपनी सेवाएं अखबार व डिजिटल मीडिया पर दी। इससे पहले मैंने अमर उजाला, दैनिक हरिभूमि, दैनिक आज समाज जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दे चुका हूं। अपनी पत्रकारिता जीवन में विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर रिपोर्टिंग एवं लेखन का व्यापक अनुभव अर्जित किया है।