न्यू सीरिज न्यूज, चंडीगढ़। हरियाणा में कुपोषण से जूझ रहे बच्चों के स्वास्थ्य सुधार को लेकर (Haryana Anganwadi News) महिला एवं बाल विकास विभाग अब गंभीर नजर आ रहा है। ऐसे बच्चों की डाइट में सुधार करते हुए आंगनबाड़ी में बच्चों के मेन्यू में बदलाव करते हुए पारंपरिक पौष्टिक आहार के रूप में चूरमा और काले चने भी दिए जाएंगे। इससे बच्चों का शारीरिक विकास होगा और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी।
बता दें कि इस समय हरियाणा में 25 हजार 962 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं, जिनमें 512 मिनी आंगनबाड़ी भी शामिल हैं। इन केंद्रों पर 10 लाख 47 हजार से ज्यादा बच्चों को पूरक पोषण (Supplementary Nutrition) और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में छह साल तक के बच्चों के अलावा 2 लाख 67 हजार गर्भवती व स्तनपान करवाने वाली महिलाएं भी रजिस्टर्ड हैं।
Haryana Anganwadi News : बच्चों की हाइट, वजन होगा रेगुलर मॉनिटर
सरकार के आदेश है कि विभाग आंगनबाड़ी में आने वाले सभी बच्चों की हाइट, वजन और दूसरे स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का रेगुलर मॉनिटर करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की तुलना में स्थानीय और पारंपरिक भोजन अधिक पौष्टिक होता है। चूरमा में ऊर्जा और आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जबकि उबले काले चने प्रोटीन, आयरन और फाइबर का अच्छा स्रोत हैं। इन दोनों खाद्य पदार्थों को बच्चों के नियमित आहार में शामिल करने से उनका समग्र स्वास्थ्य बेहतर होगा।

महिला एवं बाल विकास विभाग का मानना है कि योजना का मकसद केवल बच्चों का पेट भरना नहीं, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण और संतुलित पोषण उपलब्ध कराना है। विभाग चाहता है कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के समग्र विकास का मजबूत आधार बनें, जहां पोषण के साथ-साथ स्वास्थ्य की नियमित निगरानी भी हो सके।
Haryana Anganwadi News : डिजिटल तरीके से होगी बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी
सरकार और विभाग की इस नई योजना की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों का स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप से तैयार किया जाएगा। इसमें बच्चों की लंबाई, वजन, उम्र के अनुसार विकास और पोषण संबंधी सभी जानकारियां दर्ज होंगी। इससे किसी भी बच्चे में कुपोषण या गंभीर कुपोषण के शुरुआती संकेत मिलने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।
Haryana Anganwadi News : कुपोषित बच्चों पर रहेगा विशेष फोकस
हरियाणा में इस समय बड़ी संख्या में बच्चे पोषण योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। इनमें सामान्य बच्चों के साथ-साथ कुपोषित और गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की अलग से निगरानी की जाती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे बच्चों को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी होगी। विभाग अभिभावकों को भी संतुलित आहार और बच्चों की सही खानपान आदतों के बारे में जागरूक करेगा।

