न्यू सीरिज न्यूज। हिसार : जुलाई के पहले सप्ताह में दो प्रमुख ग्रहों के राशि (Horoscope) परिवर्तन को ज्योतिष की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, 4 जुलाई को शुक्र ग्रह कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेगा, जबकि 7 जुलाई को बुध ग्रह वक्री और अस्त अवस्था में अपनी ही राशि मिथुन में प्रवेश करेगा।
इन दोनों ग्रहों की चाल का असर केवल 12 राशियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक गतिविधियों पर भी देखने को मिल सकता है। हरियाणा के हिसार में देवी भवन मंदिर के मुख्य पुजारी एवं ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश के अनुसार, शुक्र के सिंह राशि में प्रवेश से कला, मनोरंजन, फैशन, लग्जरी और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक माहौल बनने की संभावना है।
वहीं जीवनशैली, खर्च और आकर्षण से जुड़े मामलों में भी बदलाव महसूस हो सकता है। इसके साथ ही राजनीतिक गतिविधियों और आर्थिक निर्णयों पर भी इसका प्रभाव दिखाई दे सकता है। दूसरी ओर, 7 जुलाई को बुध के वक्री होकर मिथुन राशि में आने से संचार व्यवस्था, तकनीकी सेवाओं और सूचना तंत्र में अस्थिरता की स्थिति बन सकती है। बैंकिंग, आईटी, शिक्षा और संचार से जुड़े क्षेत्रों में भ्रम, तकनीकी दिक्कतें तथा गलत सूचनाओं के प्रसार की आशंका भी जताई गई है।

July Horoscope इन राशियों पर रहेगा विशेष प्रभाव
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध का मिथुन में आना राहत देने वाला माना जा रहा है। लंबे समय से रुके हुए कार्यों में दोबारा गति आने की संभावना है। वहीं कन्या राशि के लोगों को कार्यों में देरी, निर्णय लेने में असमंजस और अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि 23 जुलाई को बुध के मार्गी होने के बाद परिस्थितियां धीरे-धीरे सामान्य होने लगेंगी और चल रही परेशानियों में कमी आएगी।
यह खबर भी पढ़ें : अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू : हर 2 किमी पर ऑक्सीजन बूथ, दोनों मार्गों पर 100-100 बेड के अस्पताल
Horoscope today : अशुभ प्रभाव कम करने के लिए सुझाए गए उपाय
ज्योतिषाचार्यों ने बुध और शुक्र के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए कुछ धार्मिक उपाय भी बताए हैं। बुध ग्रह की कृपा प्राप्त करने के लिए भगवान गणेश और भगवान विष्णु की पूजा करें। “ॐ बुं बुधाय नमः” मंत्र का जाप करें। बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाएं। शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए शुक्रवार को माता लक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं। “ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः” मंत्र का जाप करें। सफेद चावल, चीनी और सफेद वस्त्र जैसी वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना गया है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस अवधि में मौसम के मिजाज में भी बदलाव देखने को मिल सकता है और कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम वर्षा होने के संकेत हैं, हालांकि इसका प्रभाव अलग-अलग स्थानों पर भिन्न हो सकता है।

