Nirjala Ekadashi 2026 kaise kare vart k niyamNirjala Ekadashi 2026 kaise kare vart k niyam

न्यू सीरिज न्यूज, हिसार। आज निर्जला एकादसी है। सनातन धर्म में एकादशी तिथि (Nirjala Ekadashi) को भगवान श्रीविष्णु की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। साल भर में आने वाली 24 एकादशियों में ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी का विशेष महत्व है। धर्मशास्त्रों में इसे सभी एकादशियों में श्रेष्ठ बताया गया है। इस वर्ष निर्जला एकादशी का महत्व और भी बढ़ गया है। यह चार शुभ संयोगों में मनाई जाएगी। धार्मिक विद्वानों के अनुसार ऐसा दुर्लभ संयोग करीब 13 साल बाद बन रहा है।

हिसार के देवी भवन मंदिर के पुजारी पंडित सुरेश ने बताया कि इस बार निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi) पर सिद्धि योग, शिव योग, रवि का योग और स्वाती नक्षत्र का विशेष संयोग कर रहेगा। इन शुभ योगों में भगवान श्रीहरि या विष्णु की पूजा-अर्चना, व्रत और से दान-पुण्य करने से कई गुना अधिक फल प्राप्त होने की मान्यता है।

श्रद्धालु इस दिन की विशेष पूजा-अर्चना कर भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। धार्मिक र मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी ण का व्रत अत्यंत कठिन माना जाता है। इस का दिन व्रती बिना अन्न और जल ग्रहण किए भगवान विष्णु की उपासना करता है।

Nirjala Ekadashi 2026 kaise kare vart k niyam
Nirjala Ekadashi 2026 kaise kare vart k niyam

Nirjala Ekadashi को लेकर क्या मान्यता है

मान्यता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा, भक्ति और नियमपूर्वक निर्जला एकादशी का व्रत करता है, उसे वर्षभर में आने वाली सभी 24 एकादशियों के व्रत के समान पुण्य प्राप्त होता है। इसी कारण इसे ‘एकादशी – राजा‘ की संज्ञा दी गई है। पंडित सुरेश ने बताया कि महाभारत काल में पांडवों में भीमसेन भोजन के बिना नहीं रह पाते थे। तब महर्षि वेदव्यास ने उन्हें केवल निर्जला एकादशी का व्रत रखने की सलाह दी थी। इसके प्रभाव से उन्हें सभी एकादशियों का पुण्य प्राप्त हुआ था । इसी कारण इस एकादशी को ‘भीमसेनी एकादशी’ और ‘पांडव एकादशी’ भी कहा जाता है।

Nirjala Ekadashi की तिथि आज रात 8:10 बजे समाप्त होगी

निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून यानी आज रखा जाएगा। एकादशी तिथि 24 जून को शाम 06:13 बजे शुरू होकर 25 जून को रात 08:10 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि की मान्यता के अनुसार, व्रत मुख्य रूप से 25 जून को किया जाएगा। व्रत पारण 26 जून को सुबह 05:25 से सुबह 08:13 के बीच होगा।

भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें। तुलसी दल अर्पित करें। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। निर्जला एकादशी पर ये मंत्र का जाप करें। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः ॥ यह भगवान विष्णु का अत्यंत प्रभावशाली मंत्र है। निर्जला एकादशी पर इसका जाप करने से मन की शुद्धि होती है ।

भगवान की कृपा प्राप्त होती है। जल से भरा घड़ा, पंखा, छाता, वस्त्र, फल, शरबत तथा अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करने का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि इससे पुण्य की प्राप्ति होती है। जीवन में सुख-समृद्धि आती है ।

Shani Pradosh Vrat 27 को, भगवान शिव व शनिदेव की कृपा पाने का विशेष संयोग

वहीं ज्येष्ठ मास में आने वाला शनि प्रदोष व्रत इस बार 27 जून को मनाया जाएगा। जब प्रदोष व्रत शनिवार के दिन पड़ता है तो इसे शनि प्रदोष कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन भगवान शिव और शनिदेव दोनों की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस व्रत को करने से जीवन की बाधाएं कम होने और ग्रहों के अशुभ प्रभाव शांत होने की मान्यता है।

पंडित राममेहर शास्त्री काकड़ौद ने बताया कि पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 26 जून की रात 10:22 बजे पर प्रारंभ होगी और यह तिथि 28 जून की रात 12:43 मिनट तक रहेगी, चूंकि इस दौरान 27 जून को त्रयोदशी तिथि पूरे दिन प्रभावी रहेगी और उसी दिन शनिवार भी होगा, इसलिए उदया तिथि के आधार पर शनि प्रदोष व्रत 27 जून को रखा जाएगा।

Shani Pradosh Vrat क्यों खास होता है और क्या मान्यता है

पंडित राममेहर शास्त्री ने बताया कि शनि प्रदोष व्रत को आध्यात्मिक रूप से अत्यंत फलदायी माना गया है। इस व्रत के दिन श्रद्धालु सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लेते हैं और पूरे दिन संयम का पालन करते हैं। शाम के समय प्रदोष काल में भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। पूजा के दौरान शिवलिंग पर जल, गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और सफेद पुष्प अर्पित किए जाते हैं।

इसके बाद भक्त ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करते हैं और शिव चालीसा या शिव स्तुति का पाठ करते हैं। कई भक्त इस दिन शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित करते हैं और जरूरतमंदों को दान-पुण्य भी करते हैं। ऐसा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

By Pardeep kaushik

प्रदीप कौशिक सीनियर पत्रकार हैं। इन्हें पंजाब केसरी, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, दैनिक भास्कर डिजिटल न्यूज पेपर में काम करने का 10 साल का अनुभव है। हरियाणा की खबरों विशेषकर मौसम, रोडवेज, हेल्थ, रेलवे की खबरों पर प्रदीप कौशिक की मजबूत पकड़ है। सभी खबरें तथ्यों पर आधारित होती हैं।