न्यू सीरिज न्यूज (Yoga day) : जींद की चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (CRSU) में सहायक प्राध्यापक आचार्य डा. विरेंद्र कुमार पिछले 25 साल से साधकों को योग सिखा रहे हैं। योग के जरिए उन्होंने कई असाध्य रोगों का इलाज किया। उनके आठ विद्यार्थियों को शादी के छह से सात साल तक संतान नहीं थी।
एक विद्यार्थी सोनिया को चिकित्सक ने कहा कि वह मां नहीं बन सकती। सोनिया ने इंग्लैंड के चिकित्सकों के पास भी रिपोर्ट भेजी थी, लेकिन वहां से भी चिकित्सकों ने उसको मां बनने की बात से मना कर दिया था। इसके बाद सोनिया को डा. विरेंद्र कुमार ने आसन व प्राणायाम का अभ्यास करवाया। इसके बाद अन्य सात विद्यार्थियों को भी योग क्रियाओं के बाद संतान हुई।
Yoga day Special Story : जो आत्महत्या की सोचते थे, वो आज अच्छे साधक बने
इसके अलावा कई विद्यार्थियों जो मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या तक करनी की सोचते थे, वे एक अच्छे साधक बन गए। डा. विरेंद्र कुमार ने कहा कि असाध्य रोग को प्राणायाम से दूर किया जा सकता है। साल में दो बार शंख प्रक्षालन क्रिया, सप्ताह में षट्कर्म की क्रियाएं व नित्य प्रतिदिन प्राणायाम दो घंटे करने के साथ-साथ सात्विक व प्राकृतिक आहार के सेवन से आज के समय में मधुमेह, मोटापा, तनाव, अवसाद जैसी बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है।

डॉ. विरेंद्र ने बताया कि जब से वे योग कर रहे हैं तो उन्हें सिर दर्द तक नहीं हुआ। उन्होंने 2001-02 में प्रथम गुरु देव मूर्ति महाराज से योग सीखना शुरू किया। वे उस समय गोहाना कालेज में बीए संकाय में पढ़ रहे थे तो वहां उनका संपर्क गुरु देव मूर्ति से संपर्क हुआ था। उनसे प्रेरित होकर बीए करने के बाद डा. विरेंद्र कुमार ने योग के क्षेत्र में कदम रखा।
Yoga day पर विशेष : 2915 तक हरिद्वार में रहे थे डॉ. विरेंद्र
इसके बाद उन्होंने योग चिकित्सा, रेकी चिकित्सा, प्राण चिकित्सा, मर्म चिकित्सा और मंत्र चिकित्सा सीखी। फिर उनका संपर्क हरिद्वार में स्वामी कर्मवीर महाराज, स्वामी रामदेव महाराज और आचार्य बालकृष्ण, प्रो. जीडी शर्मा, डा. सुनील जोशी और माराबिया का गुरु के रूप में मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। वे 2015 तक हरिद्वार में रहे। उन्होंने हरिद्वार में वहां पर योग में पीएचडी की।
2015 में डा. विरेंद्र कुमार का चयन सहायक प्राध्यापक के रूप में जींद की चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में हुआ। तब से वे निरंतर वे यहां कार्यरत हैं। डा. विरेंद्र आर्य से योग सीख कर उनके छात्र अनुज ने नोएडा में योगा का बड़ा सेंटर खोला हुआ है। इसके अलावा उनके पांच छात्र सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। वे परंपरागत योग सीखा रहे हैं। वे पिछले 11 वर्ष से सुबह छह दो घंटा चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में युवाओं को योग सिखा रहे हैं।
Yoga day story : शंखप्रक्षालण क्रिया, सप्ताह में षटकर्म की कुछ क्रियाएं
शंखप्रक्षालण व षटकर्म की क्रियाओं में शरीर का शोधन कर्म किया जाता है। इसमें साधक को विशेष गुनगुना पानी नींबू मिलाकर पिलाया जाता है। इसमें पांच आसन करने होते हैं और पानी को शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है। इससे मुख से लेकर आहार नली, आमाशय, मलाशय का शोधन हो जाता है। इससे शरीर के अंदर जमा मल बाहर निकाला जाता है।

