न्यू सीरिज न्यूज नेटवर्क (Jind District Council) : हरियाणा के जींद में आखिरकार सा महीने बाद जिला परिषद हाउस की बैठक हुई। शुक्रवार को डीआरडीए हाल में आयोजित इस हाउस की बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद चेयरपर्सन मनीषा रंधावा ने की।
जिप की इस बैठक में सर्वसम्मति से 9.60 करोड़ रुपये की ग्रांट के वितरण का अधिकार हाउस में मौजूद सदस्यों ने चेयरपर्सन को दिया। वार्ड तीन की पार्षद सुनीता ने मुद्दा उठाया कि गांवों में पेयजल किल्लत रहती है। इसलिए टैंकर की व्यवस्था करनी चाहिए। जिला परिषद के बजट से टैंकर खरीदने पर सभी सदस्यों ने सहमति जताई।
पार्षदों के अलावा प्रशासन की तरफ से इस बैठक में जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं एडीसी प्रदीप कुमार भी मौजूद रहे। जिनके समक्ष पार्षदों ने विभिन्न विभागों से संबंधित अपनी शिकायतें रखी और जल्द समाधान की मांग की। कुछ विभागों से विभागाध्यक्ष बैठक में नहीं पहुंचे थे। इसको लेकर पार्षदों ने आपत्ति जताई। एडीसी ने कहा कि समाधान शिविर को लेकर बैठक चल रही है, जिसमें अधिकारी गए हुए हैं।

Jind District Council की बैठक का शेड्यूल होगा तय
एडीसी ने कहा कि भविष्य में जिला परिषद की बैठक का शेड्यूल इस हिसाब से तय किया जाएगा, जिससे सभी विभागाध्यक्ष बैठक में पहुंच सकें। जिला परिषद हाउस की पिछली बैठक पिछले साल 18 नवंबर को हुई थी। करीब सात माह बाद हाउस की शुक्रवार को बैठक हुई। बैठक में हाउस के कुल 41 में से 22 सदस्य मौजूद रहे।
Jind District Council के वार्ड 1 के गांवों में बढ़ रहे काला पीलिया के मरीज
जींद जिला परिषद के वार्ड 1 के अंतर्गत आने वाले गांवों में काला पीलिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वार्ड नंबर एक से जिला पार्षद गुरमेल ने बताया कि तीन साल से वह उसके वार्ड के गांवों में काला पीलिया की बीमारी फैलने का मुद्दा उठा रहे हैं। काफी लोग काला पीलिया की चपेट में आ चुके हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग वहां कैंप तक नहीं लगा रहा है। एडीसी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को कैंप लगाने के आदेश दिए।
जिला परिषद वार्ड 1 में कौन से गांव आते हैं
जींद जिला परिषद (Jind District Council) के वार्ड 1 में डिंढोली (Dindholi), हंसडहैर (Hansdehar), कोयल (Koyal), दातासिंहवाला (Data Singh Wala), पदार्थ खेड़ा (Padarth Khera), नेपेवाला (Nepewala), रेवर (Rewar), पिपलथा (Pipltha), गढ़ी (Garhi), नारायणगढ़ (Narayangarh), ढाबीटेकसिंह (Dhabi Tek Singh), उझाना (Ujhana)खरल (Kharal) गांव आते हैं।

बताया जा रहा है कि इन गांवों में काला पीलिया मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नेपेवाला के पूर्व सरपंच कृष्ण, ढिंढोली के पूर्व सरपंच वकील ने भी कहा कि गांवों में कैंप लगाने चाहिएं और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर दवा उपलब्ध करवानी चाहिए। फिलहाल काला पीलिया की दवा लेने के लिए उन्हें नरवाना जाना पड़ता है और नरवाना से जींद भेज दिया जाता है। अगर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर दवा उपलब्ध हो जाए तो मरीज जल्दी ठीक होंगे और बाहर प्राइवेट अस्पतालों में दवा लेने के लिए नहीं जाना पड़ेगा।
गांवों में करवाए जाएंगे विकास कार्य
जिला परिषद चेयरपर्सन मनीषा रंधावा ने कहा कि सरकार से प्राप्त हुई ग्रांट से गांवों में विकास कार्य करवाए जाएंगे। जिन गांवों में पीने के पानी के लिए टैंकर की जरूरत है, संबंधित पार्षदों से उसकी डिमांड मांगी जाएगी। उसके बाद संबंधित गांवों के लिए टैंकर खरीदे जाएंगे। पूरे जिले में समान रूप से विकास कार्य करवाए जाएंगे।

