NewseriesNews (Jind Police) : हरियाणा में जींद पुलिस ने नशा छुड़वाने को लेकर जो मूहिम शुरू की थी, उसका असर अब दिखने लगा है। पुलिस के नशा मुक्ति अभियानों और जागरूकता के सकारात्मक परिणाम सामने आए और अब तक जिले के 147 लोग नशा छोड़ चुके हैं तो वहीं पुलिस ने नशा करने वाले 546 लोगों का इलाज करवाया है। इनमें कुछ का इलाज चल रहा है।
जींद जिला पुलिस कप्तान कुलदीप सिंह ने बताया कि पुलिस ने अब तक 124 कार्यक्रम किए व दो शिविर लगाए। इनमें 300 नशा पीड़ितों ने भाग लिया। पुलिस ने छह नशा मुक्ति केंद्रों में 75 बेड रखे। वहीं दूसरी ओर नशा तस्करों के खिलाफ भी लगातार सख्त कार्रवाई कर करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति पर शिकंजा कसा गया है।
Jind Police ने 11 जून को शुरू किया था अभियान
बता दें कि नशे की लत व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार की खुशियां छीन लेती है। कई घर ऐसे हैं जहां बेटा, पिता या भाई नशे की गिरफ्त में आने के बाद परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से जूझने लगता है। जींद पुलिस ने ऐसे परिवारों और लोगों को नई जिंदगी देने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए यह अभियान शुरू किया था, जिसका असर अब दिखने लगा है।

एसपी कुलदीप सिंह ने कहा कि जींद पुलिस ने 11 जून से अभियान शुरू किया था। इसमें व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए गए। इसके अलावा नशा तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति टीम द्वारा गांव-गांव एवं वार्ड स्तर तक पहुंचकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।
Jind Police कर चुकी 90 गांव और 67 वार्डों का सर्वे
नशा मुक्ति टीम द्वारा नशा पीड़ित व्यक्तियों की पहचान कर उनके उपचार के लिए उनको घरों से नशा मुक्ति केंद्रों एवं अस्पतालों तक पहुंचाया गया तथा उपचार उपरांत सुरक्षित वापस घर भी छोड़ा गया। इस वर्ष 90 गांव व 67 वार्डों का सर्वे किया गया।एसपी ने बताया कि इस साल अब तक एनडीपीएस के 42 मामले दर्ज किए गए व 84 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
अब तक लगभग तीन करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति को अटैच किया गया है। एसपी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों के सहयोग से ही नशा मुक्त समाज का सपना साकार किया जा सकता है।
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