न्यू सीरिज न्यूज, रेवाड़ी
Iris scanner technology : हरियाणा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन वितरण व्यवस्था को और पारदर्शी एवं तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव शुरू हो गया है।
राशन डिपो पर नई 5जी पीओएस मशीनों में आइरिश (आंखों) की स्कैनिंग सुविधा सभी जगह जल्द शुरु कर दी जाएगी। इससे रेवाड़ी जिले के 1 लाख 29 हजार 163 राशन कार्डधारकों के करीब 4 लाख 69 हजार 699 लाभार्थियों को अब फिंगरप्रिंट स्कैन नहीं होने पर राशन लेने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, राशन की तौल को सीधे पीओएस मशीन से जोड़ने वाली वैइंग मशीन की तकनीक अभी शुरू नहीं हो सकी है।
मई माह में प्रदेश के सभी डिपो होल्डरों से पुरानी 2जी पीओएस मशीनें वापस लेकर नई 5जी पीओएस मशीनें उपलब्ध करवाई गई थीं। इन मशीनों को आइरिश स्कैनर और इलेक्ट्रॉनिक वैइंग मशीन से जोड़ा जाना था।
अब जिले के अधिकांश डिपो होल्डरों को आइरिश स्कैनर (Iris scanner) एवं उसे पीओएस मशीन से जोड़ने वाली तकनीक उपलब्ध करा दी गई है तथा सभी जगह पर इनका संचालन जल्द शुरु कर दिया जाएगा।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे लाभार्थियों को राहत मिलेगी, जिनके फिंगरप्रिंट उम्र, मेहनत-मजदूरी या अन्य कारणों से मशीन पर मैच नहीं हो पाते थे। अब उनकी आंखों की पुतली (Iris scanner) स्कैन कर पहचान की जाएगी और इसके बाद राशन वितरित किया जाएगा।
डिपो होल्डरों के अनुसार वैइंग मशीन उपलब्ध करा दी गई है, लेकिन उसे पीओएस मशीन से जोड़ने में अभी तकनीकी दिक्कत बनी हुई है। डिपो होल्डर दिनेश कुमार, नागरमल लखेर सहित अन्य ने विभाग से इस तकनीकी को जल्द शुरू कराने की मांग की है।
उनके अनुसार वैइंग मशीन के पीओएस से जुड़ने के बाद राशन की तौल सीधे मशीन में दर्ज होगी और लाभार्थी को मिलने वाली रसीद पर भी वास्तविक वजन अंकित होगा। इससे राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और बढ़ेगी।
Iris scanner ऐसे काम करेगी
नई 5जी पीओएस मशीन में लाभार्थी की पहचान अब दो तरीकों से हो सकेगी। यदि किसी व्यक्ति का फिंगरप्रिंट मशीन पर मैच नहीं होता है तो आइरिश स्कैनर के माध्यम से उसकी आंखों की पुतली स्कैन कर पहचान की जाएगी।
पहचान सत्यापित होने के बाद राशन वितरित कर दिया जाएगा। वहीं वैइंग मशीन का तकनीकी एकीकरण पूरा होने के बाद राशन तौलने वाला इलेक्ट्रॉनिक कांटा सीधे पीओएस मशीन से जुड़ जाएगा। इससे तौला गया वजन स्वतः मशीन में दर्ज होगा और उसी आधार पर लाभार्थी को मिलने वाली रसीद जारी होगी। इससे मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी।
Iris scanner तकनीक का संचालन शुरू हो चुका
जिले के अधिकांश डिपो होल्डरों तक आइरिश स्कैनर की तकनीक पहुंचा दी गई है और इसका संचालन भी शुरू हो चुका है। वहीं वैइंग मशीन को पीओएस मशीन से जोड़ने में क्या तकनीकी दिक्कत आ रही है, इस संबंध में मुख्यालय से जानकारी लेने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। -ब्रजमोहन, जिला डिस्ट्रीब्यूशन सीट इंचार्ज, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, रेवाड़ी

