न्यू सीरिज न्यूज, रोहतक
Success Story : हरियाणा के रोहतक जिले के ग्रामीण आंचल की एक बेटी ने नया इतिहास रच दिया है। रोहतक जिले के गांव गरनावठी की बेटी डा. कीर्ति बड़क ने पहले नीट परीक्षा पास करके डाक्टर बनी। डाक्टरी की पढ़ाई के बाद अब सेना में कैप्टन के पद पर तैनात हुई है।
किसान परिवार में जन्मी बेटी ने चौकाचौंध से भरी हुई निजी स्कूल की बजाए 12वीं तक की पढ़ाई पहले सरकारी स्कूल में की। उस समय उनका सपना सेना में जाकर देश की सेवा करना था, लेकिन इसी बीच में उसने 12वीं की परीक्षा पास करते ही नीट परीक्षा को उत्तीर्ण कर लिया।
परीक्षा को उत्तीर्ण ही नहीं बल्कि ऑल इंडिया रैंक में नीट परीक्षा में 65वां रैंक हासिल किया। इसी बीच में उन्होंने मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (एमएनएस) की परीक्षा पास भी पास कर ली, लेकिन इस दौरान उसने पहले डाक्टर की पढ़ाई करने का निर्णय लिया।
लेकिन डाक्टर बनने के बाद भी उसके सपने पूरे नहीं हुए। इसलिए डा. डा. कीर्ति बड़क ने सेना में जाने का सपना पूरा करना चाहा। ऐसे में उनका मेडिकल लाइन के हिसाब से सेना में कैप्टन के पद पर चयन हो गया।
Success Story डाक्टर इंटर्नशिप में ही शार्ट सर्विस कमीशन की तैयारी कर दी थी शुरू
सेना में कैप्टन के पद पर चयनित डा. कीर्ति बड़क ने बताया कि शुरुआत में उसका सेना के अधिकारियों के साथ संवाद हुआ था। जहां पर सेना की वर्दी व उनके स्टार को देखकर छोटी उम्र में ही सेना में जाने का मन बना लिया था।
उसने एमएनएस के माध्यम से नर्सिंग क्षेत्र में भी चयन हो गया था, लेकिन वहां से जाने की बजाए पहले केएमसी मणिपाल से एमबीबीएस पूरी की। जैसे ही एमबीबीएस पूरी करके इंटर्नशिप का समय आया तो उसने सेना में चयन के लिए तैयारी शुरू कर दी।
इंटर्नशिप के दौरान उन्होंने आर्मी मेडिकल कोर शार्ट सर्विस कमीशन की तैयारी शुरू की और अपने सपने को साकार करने के लिए लगातार मेहनत की। जहां पर उनका चयन हो गया।

गांव की पहली कैप्टन बनी डा. कीर्ति बड़क
ग्रामीणों ने बताया कि डा. कीर्ति बड़क पहली बेटी है जो सेना में कैप्टन बनी है। इससे पहले कोई भी बेटी सेना में अधिकारी के पद पर चयनित नहीं हुई है। डा. कीर्ति बड़क के पिता महावीर सिंह गांव में रहकर खेती करती है, जबकि उसकी मां सनीता रानी गृहिणी है। जैसे ही गांव में डा. कीर्ति बड़क का चयन कैप्टन के पद पर होने का पता चला तो खुशी की लहर दौड़ गई।

