न्यू सीरिज न्यूज, जींद। हरियाणा बोर्ड के पिछले दिनों आए दसवीं क्लास के रिजल्ट (Haryana Topper in 10th) में उचाना की बेटी दिपांशी जैन के 500 में से 492 नंबर आए थे लेकिन वह अपने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं थी। उसने रि-चेकिंग का फार्म भरा और रि चेकिंग के रिजल्ट में जो सामने आया, उससे दिपांशी की किस्मत ही बदल गई और वह हरियाणा की टॉपर बन गई। रि चेकिंग में दिपांशी के 7 अंक बढ़ गए और वह 499 अंकों के साथ हरियाणा की संयुक्त टॉपर बन गई।
किस्मत ने कहा, बस इतना ही मिलेगा, लेकिन हौसले ने जवाब दिया, मेरा हक अभी बाकी है..इस कहावत को सही साबित कर दिखाया है दिपांशी ने। उचाना के गीता विद्या मंदिर स्कूल उचाना मंडी की छात्रा दिपांशी जैन के दसवीं की परीक्षा में 492 नंबर आए थे। इतने नंबर देख कर दिपांशी की आंखों में आंसू थे। यह आंसू खुशी के नहीं थे, क्योंकि दिपांशी को और ज्यादा नंबर आने की उम्मीद थी। दिपांशी को दिल में यकीन था कि उसकी मेहनत के साथ कहीं न कहीं इंसाफ नहीं हुआ है।
Haryana Topper बनने से पहले रोते हुए प्रिंसीपल के पास गई थी दिपांशी
वह रोते हुए स्कूल प्रिंसीपल के पास गई और कहा कि उसके नंबर उम्मीद के मुताबिक कम आए हैं। प्रिंसीपल ने उसे सांत्वना दी और कहा कि रि-चेकिंग का आवेदन करने के लिए कहा। दिपांशी ने हार मानने के बजाय री-चेकिंग का रास्ता चुना। री-चेकिंग का रिजल्ट आया तो फिर वही हुआ जो फिल्मों में अक्सर क्लाइमैक्स में होता है। सच सामने आया और उसके अंक बढ़कर 499 हो गए। जो छात्रा रिजल्ट के दिन मायूस थी, वही आज हरियाणा की संयुक्त टॉपर बनकर मिसाल बन गई।

स्कूल चेयरमैन सुरेंद्र जैन, राजकुमार गोयल, सत्यनारायण मखंड, रामनिवास बुडायन और सतपाल गोयल ने प्राचार्या सविता सिंगला, स्कूल स्टाफ तथा छात्रा को बधाई दी। दिपांशी ने बताया कि उसे विश्वास था कि उसके अंक और अधिक होने चाहिए थे। री- चेकिंग के बाद विज्ञान और फिजिकल एजुकेशन में 100-100 अंक और हिंदी में एक अंक बढ़ा। उसने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों, प्राचार्य, अभिभावकों और अपनी बड़ी बहन को दिया।
इंजीनियर बनना चाहती है Haryana Topper दिपांशी
दिपांशी का सपना इंजीनियर बनने का है। उसने बताया कि वह स्कूल से लौटने के बाद प्रतिदिन पांच से छह घंटे पढ़ाई करती थी। पिता अनिल जैन ने कहा कि परिणाम आने के बाद बेटी संतुष्ट नहीं थी, इसलिए स्कूल के सहयोग से री- चेकिंग के लिए आवेदन किया गया। उनकी बड़ी बेटी के भी री- चेकिंग के बाद 500 में से 500 अंक आए थे। उनकी बेटियों ने साबित कर दिया है कि बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं हैं।
प्राचार्या सविता सिंगला ने कहा कि परिणाम आने के दिन जींद जिले के उचाना की दिपांशी कम अंक आने से भावुक होकर उनके पास पहुंची थी। उन्होंने उसे री- चेकिंग के लिए प्रेरित किया और भरोसा दिलाया कि उसे उसका हक जरूर मिलेगा। आज वही छात्रा संयुक्त रूप से प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर खुशी से झूम रही है। उन्होंने शिक्षा बोर्ड से परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया में और अधिक सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि अंक कम आने पर कई विद्यार्थी मानसिक रूप से प्रभावित हो जाते हैं, इसलिए सही मूल्यांकन सुनिश्चित होना चाहिए।
ये था हरियाणा बोर्ड का दसवीं का 2026 का रिजल्ट और दीपिका थी Haryana Topper
14 मई को HBSE ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने दसवीं का रिजल्ट जारी किया था। इसमें उत्तीर्ण प्रतिशत (Overall Pass Percentage) 89.60 प्रतिशत रहा। लगभग 2.76 लाख छात्रों ने एग्जाम दिया था, जिसमें से 2 लाख 47 हजार 860 विद्यार्थी पास हुए थे। भिवानी की दीपिका 499 अंकों के साथ प्रदेश में टॉप पर रही थी। अब उचाना की दिपांशी ने भी रि चेकिंग के बाद 499 अंक हासिल कर लिए हैं तो ऐसे में दिपांशी भी दीपिका के साथ हरियाणा की संयुक्त टॉपर बन गई है।

