न्यू सीरिज न्यूज, चंडीगढ़। हरियाणा में अब चौथी क्लास से आठवीं क्लास तक सभी बच्चों को पास करने के आटो प्रमोशन का रूल (Haryana School Rule Change) चेंज करने जा रही है। सरकार नो-डिटेंशन खत्म करने के मूड में है। इसके तहत अब हर 90 दिन में बच्चों के टेस्ट होंगे और अगर इन टेस्ट में फेल हुए तो उसे अगली क्लास में दाखिला नहीं मिलेगा। बच्चों के साथ-साथ टीचर्स की भी मॉनिटरिंग होगी और बेहतर रिजल्ट नहीं आने पर उनका प्रमोशन रूक सकता है।
अब तक ये होता आ रहा था कि चौथी क्लास से लेकर आठवीं क्लास तक किसी भी बच्चे को फेल नहीं किया जाता था। बच्चा चाहे पढ़ाई में कमजोर हो या उसे कुछ भी लिखना, पढ़ना नहीं आता हो, उसे वार्षिक एग्जाम के बाद अगली क्लास में कर दिया जाता था लेकिन अब इस व्यवस्था में बदलाव होगा।
हरियाणा सरकार स्कूल शिक्षा व्यवस्था में नई व्यवस्था के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले चौथी से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों का मूल्यांकन अब पहले से अधिक नियमित और सख्त करेगी। विभाग का उद्देश्य केवल परीक्षा लेना नहीं, बल्कि पूरे वर्ष छात्रों की पढ़ाई पर लगातार नजर रखते हुए उनकी सीखने की क्षमता में सुधार करना है।

इसके तहत शिक्षा विभाग द्वारा हर 3 महीने में विद्यार्थियों की परीक्षा ली जाएगी। इन परीक्षाओं के आधार पर बच्चों की शैक्षणिक प्रगति का रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा। यदि कोई विद्यार्थी निर्धारित स्तर का प्रदर्शन नहीं कर पाता है तो उसे अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वह अपनी कमियों को समय रहते दूर कर सके।
Haryana School Rule Change ऑटो प्रमोशन पर लग सकती है रोक
नई नीति लागू होने के बाद चौथी से आठवीं कक्षा तक विद्यार्थी 90 दिन यानि 3 महीने में लिए जाने वाले टेस्ट में पास नहीं हो पाता है तो अगली क्लास में नहीं किया जाएगा। उसी क्लास में रहकर उसकी पढ़ाई में सुधार किया जाएगा। सरकार का तर्क है कि इससे बुनियादी शिक्षा मजबूत होगी और कमजोर विद्यार्थियों की समय रहते पहचान हो सकेगी।
Haryana School Rule Change के बाद टीचर्स की भी होगी मॉनिटरिंग
नई प्रणाली में केवल छात्रों का ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के कार्य की भी रेगुलर मॉनिटरिंग होगी। किसी कक्षा के परिणाम लगातार कमजोर रहने पर संबंधित शिक्षक को विशेष प्रशिक्षण, शैक्षणिक सहयोग और सुधारात्मक कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। इससे शिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने और विद्यालयों की जवाबदेही तय करने में मदद मिलेगी। इसके बावजूद भी सुधार नहीं हुआ तो फिर प्रमोशन पर गाज गिर सकती है।
Haryana School Rule Change के बाद हर टेस्ट की आंसर सीट क्रास चेक होंगी
शिक्षा विभाग द्वारा नई नीति को लागू करने के बाद हर 3 महीने में जो टेस्ट होगा, उसकी आंसर सीट की क्रॉस चेकिंग की जाएगी। बिल्कुल पारदर्शी तरीके से काम होगा और पंचकूला से शिक्षा विभाग के अधिकारी भी समयानुसार स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा नई व्यवस्था में अभिभावकों की भागीदारी भी बढ़ाई जाएगी। प्रत्येक मूल्यांकन के बाद अभिभावकों को उनके बच्चों की पढ़ाई, परीक्षा परिणाम और कमजोर विषयों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार का लक्ष्य केवल परीक्षा प्रणाली में बदलाव करना नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना है। नियमित मूल्यांकन, शिक्षकों की जवाबदेही, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों में सुधार लाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

