Ambala Borewell Tragedy 4 Year Old Nirvair Dies After 24 Hour Rescue Operation (1)Ambala Borewell Tragedy 4 Year Old Nirvair Dies After 24 Hour Rescue Operation (1)

न्यू सीरिज न्यूज, अंबाला। हरियाणा में अंबाला के धन्यौड़ा गांव में 220 फीट गहरे बोरवेल (Ambala Borewell) में गिरा 4 साल का नन्हा बच्चा निरवैर जिंदगी की जंग हार गया। करीब 21 घंटे बाहर निरवैर को बाहर निकाला गया और अस्पताल में ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इससे पहले निरवैर करीब 21 घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता रहा। सेना, NDRF, SDRF और कई विशेषज्ञ टीमों ने उसे बचाने के लिए दिन-रात एक कर दिया। हर नई कोशिश के साथ परिवार की उम्मीदें भी जागती रहीं, लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। आखिरकार जब निरवैर को बाहर निकाला गया तो अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

Ambala Borewell :दादा की रोटी देने गया था निरवैर

बता दें कि मंगलवार सुबह निरवैर अपने पिता के साथ खेत गया था। खेलते-खेलते वह खुले पड़े बोरवेल के पास पहुंचा और झांकते समय उसका पैर फिसल गया। इसके बाद शुरू हुआ देश को झकझोर देने वाला रेस्क्यू ऑपरेशन। कई बार हुक की मदद से उसे निकालने की कोशिश की गई, लेकिन हर प्रयास नाकाम रहा। एक बार तो वह ऊपर आता भी दिखा, मगर पकड़ छूटने से फिर और गहराई में चला गया।

ambala borewell tragedy 4 year old nirvair dies
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निरवैर की मौत सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दर्द बन गई है। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि खुले बोरवेल कितने बड़े खतरे हैं। अब सवाल सिर्फ संवेदनाओं का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का भी है, ताकि किसी और मासूम की जिंदगी इस तरह अधूरी न रह जाए।

Ambala Borewell : कैसे हुआ हादसा, जानें पूरी कहानी

मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे निरवैर अपने पिता मनजीत सिंह के साथ खेत जाने की जिद करने लगा। पिता अपने पिता यानी निरवैर के दादा करनैल सिंह के लिए खेत में खाना लेकर जा रहे थे। पहले उन्होंने बेटे को साथ ले जाने से मना किया, लेकिन उसकी जिद के आगे झुकना पड़ा।

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खेत पहुंचने के बाद दादा भोजन करने लगे और पिता खेती के काम में व्यस्त हो गए। इसी दौरान निरवैर खेलते-खेलते कुछ दूरी पर बने खुले बोरवेल के पास पहुंच गया। निरवैर के चाचा का कहना है कि वह बोरवेल में झांककर नीचे देख रहा था और उसमें मिट्टी फेंक रहा था। बोरवेल के आसपास की मिट्टी गीली होने के कारण अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे बोरवेल में जा गिरा।

जैसे ही बच्चे के गिरने की आवाज आई, परिवार के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। पहले ग्रामीणों और परिजनों ने अपने स्तर पर बच्चे को निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद डायल-112 पर सूचना दी गई। पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना की टीमों को भी रेस्क्यू के लिए बुला लिया गया।

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Ambala Borewell : 21 घंटे तक चला हाईटेक रेस्क्यू ऑपरेशन

रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। बोरवेल की गहराई लगभग 220 फीट थी और करीब 60 फीट के बाद उसमें पानी भरा हुआ था। संकरी जगह होने के कारण मशीनों और आधुनिक उपकरणों का उपयोग भी सीमित था।

विशेष कैमरों की मदद से बच्चे की स्थिति का लगातार पता लगाया जाता रहा। ऑक्सीजन पहुंचाने के प्रयास किए गए और कई बार विशेष हुक के जरिए उसे बाहर निकालने की कोशिश की गई। सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के विशेषज्ञ लगातार रणनीति बदलते रहे, लेकिन हर प्रयास नाकाम साबित हुआ।

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Ambala Borewell  : एक बार उम्मीद जगी, फिर टूट गई

रेस्क्यू अभियान के दौरान एक ऐसा पल भी आया जब लगा कि निरवैर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। पंजाब के संगरूर से आई विशेषज्ञ टीम ने विशेष हुक की सहायता से बच्चे को ऊपर लाने की कोशिश की। कुछ देर के लिए ऐसा लगा कि बच्चा हुक में फंस गया है और ऊपर आ रहा है, लेकिन अचानक पकड़ छूट गई और वह फिर लगभग 40 फीट नीचे चला गया। इसके बाद अभियान और भी कठिन हो गया।

Ambala Borewell : पूरा गांव बना परिवार का सहारा

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान धन्यौड़ा गांव में हजारों ग्रामीण मौके पर जुट गए। हर किसी की जुबान पर सिर्फ एक ही दुआ थी कि मासूम सकुशल बाहर आ जाए। ग्रामीणों ने राहत दलों और प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए लंगर की व्यवस्था भी की। महिलाएं और बुजुर्ग लगातार बच्चे की सलामती के लिए प्रार्थना करते रहे। गांव में ऐसा माहौल था मानो पूरा परिवार एक ही बच्चे के लिए भगवान से जीवन की भीख मांग रहा हो।

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अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

करीब 21 घंटे की लगातार मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम बच्चे को बाहर निकालने में सफल हुई। उसे तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। यह खबर मिलते ही अस्पताल परिसर और गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

निरवैर की मौत ने पूरे हरियाणा को झकझोर दिया है। अब लोगों की मांग है कि खुले बोरवेलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी असहनीय पीड़ा न झेलनी पड़े।

 

By Pardeep kaushik

प्रदीप कौशिक सीनियर पत्रकार हैं। इन्हें पंजाब केसरी, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, दैनिक भास्कर डिजिटल न्यूज पेपर में काम करने का 10 साल का अनुभव है। हरियाणा की खबरों विशेषकर मौसम, रोडवेज, हेल्थ, रेलवे की खबरों पर प्रदीप कौशिक की मजबूत पकड़ है। सभी खबरें तथ्यों पर आधारित होती हैं।