न्यू सीरिज न्यूज (Online Intkal Haryana) : हरियाणा में सीएम नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ से आटो म्यूटेशन सिस्टम और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 का शुभारंभ कर दिया है। मंगलवार को शुभारंभ के बाद अब सभी जिलों के डीसी को निर्देश दिए गए हैं कि लोगों को तय समय पर ये सुविधाएं मिलें।
डीसी डा. वैशाली शर्मा ने राजस्व अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि लोगों को तय समय में ये सुविधाएं मिलें, ये सुनिश्चित किया जाए। प्रदेश सरकार द्वारा रजिस्ट्री होने पर स्वत: इंतकाल होने की नई पहल की है। जिससे आमजन को लाभ होगा। इसी प्रकार से पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0 में कई नए प्रविधान किए हैं। पिछले साल शुरू की गई पेपरलेस रजिस्ट्री योजना में आमजन के सुझाव के बाद सरकार ने ये नए प्रविधान जोड़े हैं। इसमें अब रजिस्ट्री के साथ इंतकाल को भी शामिल किया गया है।
रजिस्ट्री के साथ ही इंतकाल नंबर भी जनरेट हो जाएगा और 48 घंटे बाद आवेदक आनलाइन इंतकाल जांच सकेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा दोनों सुविधाओं का शुभारंभ करने के बाद मंगलवार को डीसी जिले के राजस्व विभाग के अधिकारियों को संबोधित कर रही थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि इन दोनों नई पहलों के लागू होने से राजस्व विभाग की कार्यकुशलता, पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि होगी। नागरिकों को अधिक बेहतर, सरल और त्वरित सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। सभी अधिकारी निर्धारित एसओपी का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें।

Online Intkal Haryana की प्रक्रिया में नहीं होगी परेशानी
नई व्यवस्था को पूरी गंभीरता से लागू किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लंबित इंतकाल भी जल्द से जल्द निपटाने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को परेशानी न हो। पहले भूमि की रजिस्ट्री करवाने के बाद लोगों को इंतकाल (म्यूटेशन) दर्ज करवाने के लिए अलग से पटवार भवन जाना पड़ता था। इस प्रक्रिया में समय की बर्बादी के साथ-साथ लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद मकान, प्लाट, जमीन या दुकान की रजिस्ट्री होते ही इंतकाल स्वत: आनलाइन दर्ज हो जाएगा। इसके लिए अलग से आवेदन की जरूरत नहीं रहेगी। इंतकाल दर्ज करने में मानवीय हस्तक्षेप को समाप्त कर दिया गया है। नए सिस्टम से नागरिक अपने इंतकाल का स्टेटस अरनलाइन देख सकेंगे। इंतकाल की प्रति आनलाइन डाउनलोड और प्रिंट भी कर सकेंगे।
Online Intkal Haryana के आवेदन में आधार आधारित UIDAI सत्यापन अनिवार्य किया गया
डीसी ने कहा कि पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 के माध्यम से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी व सुरक्षित बनाया गया है। इसमें कई तरह से विकल्प दिए गए हैं। अब आवेदन नागरिक स्वयं, डीड राइटर, अधिवक्ता या कामन सर्विस सेंटर के माध्यम से आसानी से कर सकेंगे। सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रत्येक आवेदन में आधार आधारित यूआइडी सत्यापन अनिवार्य किया गया है। कोई व्यक्ति, कंपनी, संस्था या एनआरआइ रजिस्ट्री प्रक्रिया में स्वयं उपस्थित नहीं हो सकता हो, तो अब वह एक से अधिक व्यक्तियों को अपना प्रतिनिधि नियुक्त कर सकता है।
पहले रजिस्ट्री के बाद इंतकाल करवाना पड़ता था
पहले प्रापर्टी की रजिस्ट्री होती थी। उसके बाद आवेदन को रजिस्ट्री की कापी देनी होती थी। उसके बाद 10 से 15 का समय इंतकाल होने में लग जाता था। बहुत से लोग रजिस्ट्री करवाने के बाद इंतकाल करवाना भूल जाते। जिससे रजिस्ट्री होने के बावजूद कई साल बाद भी इंतकाल लंबित पड़े हैं। जिलेभर की तहसीलों में 10 हजार से ज्यादा इंतकाल लंबित पड़े हैं। जो नई व्यवस्था लागू की गई है, उसके लिए पटवारियों व आपरेटर को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

