Jind News : जींद में दिव्यांग व बुजुर्गों को फ्री मिलेंगे सहायक उपकरणजींद में दिव्यांग व बुजुर्गों को फ्री मिलेंगे सहायक उपकरण

न्यू सीरिज न्यूज, जींद : Jind News : यदि आपकी जानकारी में कोई भी दिव्यांग या बुजुर्ग रहता है और उसको सहायक उपकरण की जरूरत है तो यह खबर आपके काम की है। क्योंकि हरियाणा के जींद में ऐसे जरूरतमंद लोगों को यह उपकरण फ्री दिए जाएंगे। इसके लिए 3 जुलाई को जिला रेडक्रास भवन में विशेष शिविर का आयोजन होगा।

दरअसल हमारे आसपास कई ऐसे दिव्यांग होते हैं, जो चलने – फिरने या सुनने में असमर्थ होते हैं। कुछ विशेष उपकरण इन लोगों के जीवन में काफी कारगर साबित होते हैं। ऐसे में जिला रेडक्रास सोसायटी द्वारा यह शिविर लगाया जा रहा है। जो भी दिव्यांग या बुजुर्ग इसका लाभ लेना चाहता है, वह जींद जिला प्रशासन से संपर्क कर सकता है। ऐसे सहायक उपकरणों की मदद से दिव्यांग जन अपने जीवन को और अधिक आसान बना सकते हैं। इसके लिए समय-समय पर आयोजन किए जाते हैं।

Jind News : सुबह 10 बजे से शुरू होगा कैंप

बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए यह कार्यक्रम पटवार भवन के पास स्थित जिला रेडक्रास सोसायटी में सुबह 10 बजे से शुरू होगा। जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव रामजी लाल के अनुसार इस समारोह में जिला रेडक्रॉस सोसाइटी की प्रधान एवं डीसी डॉ. वैशाली शर्मा के मार्गदर्शन में उपकरण बांटे जाएंगे। डीसी डाॅ. वैशाली शर्मा इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि होंगी।

मौके पर की जाएगी जांच

सहायक उपकरण लेने के लिए जो लोग आवेदन करेंगे, उनके लिए पहले जांच की सुविधा भी दी जा रही है। जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव रामजी लाल के अनुसार इस दौरान मोहाली स्थित अल्मिको संस्थान के चिकित्सकों द्वारा दिव्यांग और बुजुर्ग का मौके पर ही चैकअप कर फार्म भरकर सहायक उपकरण उपलब्ध करवाएं जाएगें।

यह दस्तावेज जरूरी

इस शिविर में लाभ लेने के लिए दिव्यांगों को अपने साथ दिव्यांगता को दर्शाते हुए एक फोटो, आधार कार्ड की फोटो प्रति, अपंग प्रमाण पत्र कम-से-कम 40 प्रतिशत, यूडीआईडी कार्ड, आय प्रमाण पत्र साथ लेकर आना होगा। वहीं बुजुर्ग को अपना फोटो, परिवार पहचान पत्र और आधार कार्ड की फोटो प्रति साथ लेकर आना है। इससे मौके पर ही निर्धारित फार्म पूरा भर कर उनको सहायक उपकरण प्रदान किया जा सकेंगे।

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पहले नहीं लिया हो कोई लाभ

इस शिविर में सहायक उपकरणों का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें भी हैं। जिला रेडक्रास सचिव के अनुसार इस दौरान ई- रिक्शा भी मिलेगा, लेकिन इसका लाभ केवल वही व्यक्ति ले सकता है, जिसने पिछले पांच वर्षों से कोई रिक्शा नहीं लिया हो। अन्य सहायक उपकरणों के लिए जिन्होंने तीन वर्षों में अल्मिकों कम्पनी से कोई सहायक उपकरण प्राप्त नहीं किया हो, वह व्यक्ति लाभ ले सकता है।

3 श्रेणियों में बांटा जाता है दिव्यांगता को

दिव्यांगता को मुख्य रूप से 3 श्रेणियों में बांटा जाता है। इसमें सबसे प्रमुख शारीरिक अक्षमता आती है। इसके तहत ऐसे लोगों को लाभ पात्र माना जाता है, जो चलने-फिरने में असमर्थता हो। या फिर उनको अंगों से जुड़ी समस्या हो। वहीं दूसरे नंबर पर संवेदी अक्षमता आती है। ऐसे दिव्यांगों को देखने, सुनने या बोलने में समस्या आती है। इसके अलावा मानसिक या बौद्धिक अक्षमता को दिव्यांगता की श्रेणी में रखा जाता है। इसमें सीखने की क्षमता कम होती है। इसके अलावा याददाश्त या तंत्रिका तंत्र से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं।

यह हैं दिव्यांगों के अधिकार

कानूनी रूप से भी दिव्यांगजनों को उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कई प्रकार की सुरक्षा दी जाती हैं। इसके लिए िविशेष कानून है। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत दिव्यांगों के खिलाफ भेदभाव को रोकना सुनिश्चित किया जाता है। इसके अलावा ऐसे लोगों के लिए सार्वजनिक स्थानों, परिवहन और कार्यस्थलों पर दिव्यांगों की पहुंच सुलभ बनाना अनिवार्य है। वहीं राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 के तहत भी अधिकार प्राप्त हैं।इसमें 4 प्रकार से अधिकारों को संरक्षित किया जाता है। इसके तहत ऑटिज्म या स्वलीनता, सेरेब्रल पाल्सी यानी प्रमस्तिष्क पक्षाघात और बौद्धिक दिव्यांगताबहु यानी दिव्यांगता आती है।

By Dharmbir Sharma

मैं धर्मबीर दैनिक जागरण में बतौर चीफ रिपोर्टर के तौर पर तीन साल तक सेवाएं दी। इससे पहले लगातार दस साल तक देश का प्रमुख समाचार पत्र अमर उजाला में चीफ रिपोर्टर के पद पर कार्यरत रहा। इससे पहले दैनिक भास्कर, दैनिक पंजाब केसरी, दैनिक आज समाज भी कई संस्थानों के साथ काम कर चुका हूं। 19 साल से पत्रकारिता कर रहा हूं। फिलहाल मेरा डिजिटल प्लेटफार्म हरियाणा डेयरी के नाम से फेसबुक, यूट्यूब चल रहा है।